नजरिया न्यूज़ (विकास प्रकाश), अररिया।
मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल अररिया की वंदना सभा में कवि गुरु रविंद्र नाथ टैगोर की जयंती मनाई गई।
समारोह का उद्घाटन निदेशक महोदय डॉ. संजय प्रधान जी के साथ अन्य वरीय शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ।
निदेशक महोदय ने अपने उद्बोधन में कवि गुरु को विश्व गुरु, विश्व कवि,सफल दार्शनिक, संगीतकार, नाटककार, लेखक और साहित्यकार कहा।
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक अर्जुन कुमार झा ने कवि गुरु के जीवन पर प्रकाश डालते हुए जन्म, अध्ययन अध्यापन,दर्शन और संगीत से जुड़े घटनाओं का वर्णन किया।
“गीतांजलि” को श्रेष्ठ रचना के रूप में 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ।
शिक्षित घराने में जन्मे लेकर शिक्षा के महत्व को पूर्ण स्थान देते हुए उन्होंने बंगाल में शांति निकेतन शिक्षण संस्थान की स्थापना की।
इसी कड़ी में कई छात्रों ने भी अपना भाषण दिया और उनके जीवन चरित्र तथा कृतियों पर प्रकाश डाला।
समारोह के अंत में वरीय शिक्षक सिविक घोष जी ने उनके अमर कृति “शांति निकेतन” की चर्चा करते हुए अपने को उसका भाग्यशाली छात्र भी माना। चुकी उनकी शिक्षा दीक्षा भी इस संस्थान में हुई है। आज वह विश्व भारती विद्यालय के रूप में भी जाना जाता है। इस समारोह में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं भी उपस्थित थे।
सभी शिक्षकों ने छात्रों के साथ पुष्पार्चन किया।
बाल शिशुओं आराध्या कुमारी, सर्वश्री बोस, प्रियांशी कुमारी, दिव्यंका कुमारी, कनिष्का राय, सृष्टि सुमन, गुड्डू चौधरी, प्रतीक्षा कुमारी, आदर्श कुमार, अभिषेक कुमार, सोम कुमार, प्रशांत कुमार, कार्तिक कुमार, बंटी कुमार, आदित्य कुमार, वैभव कुमार ने रवींद्र संगीत पर नृत्य एवं गीत प्रस्तुत किया।
बाल नृत्य और बांग्ला गान ने समा बांध बच्चों को दिया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
















