वैशाली। 30 अप्रैल
जिला स्तर पर आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्य प्रबंधकों ने भाग लिया।
चमकी बुखार से निपटने की तैयारी:
बैठक का मुख्य केंद्र चमकी बुखार यानी एईएस की रोकथाम रहा, जिसके तहत सभी प्रखंडों में दो बेड की उपलब्धता, वातानुकूलन, ऑक्सीजन की आपूर्ति और जरूरी औषधियों की समीक्षा की गई। क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि कुछ प्रखंडों के भ्रमण के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सभी केंद्रों पर अभ्यास सत्र (मॉक ड्रिल) आयोजित करने का आदेश दिया गया है।
टीबी मुक्त अभियान और मरीजों का पोषण:
क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में जिले में वर्तमान में 270 निक्षय मित्र कार्यरत हैं, लेकिन प्रशासन ने इनकी संख्या में और बढ़ोतरी करने की आवश्यकता जताई है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि इस रोग से पीड़ित मरीजों को जिला स्तर से प्रोटीनयुक्त भोजन की किट उपलब्ध कराई जाए।
टीकाकरण में उपलब्धि और जवाबदेही:
टीकाकरण के क्षेत्र में एचपीवी गार्डासिल के बेहतर प्रदर्शन के लिए क्षेत्रीय अपर निदेशक द्वारा प्रशंसा की गई, लेकिन जिन केंद्रों पर उपलब्धि कम रही है, वहां के प्रभारी पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अनुशासन और कार्यक्षमता को लेकर भी कड़े कदम उठाए गए हैं। राजापाकर प्रखंड में औषधियों से जुड़ी पिछली जांच के आधार पर संबंधित कर्मियों से जवाब तलब किया गया है।
मरीजों की सुविधा के लिए प्रतीक्षा समय में कमी:
अस्पतालों में मरीजों को पंजीकरण और अन्य सुविधाओं के लिए अधिक प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। भव्या के अंतर्गत ओपीडी कार्यों में लगने वाले प्रतीक्षा समय (वेटिंग टाइम) को कम करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ. अजय कुमार के साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक (आरपीएम) गजानंद गुप्ता, आशा समन्वयक श्रीमती नेहा, आरएमएनई रितु राय, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (डीएमएंडईओ) रितु राज और डीडीए सुचित कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ), सीडीओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) डॉ कुमार मनोज, सिविल सर्जन वैशाली डॉ श्यामनंदन प्रसाद और डीसीएम निभा रानी सिन्हा भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल हुए।





















