अरुण सिंह संवाददाता नजरिया न्यूज लखनऊ, 24फरवरी।
आज़ादी से पहले के अपने समुद्र किनारे के साम्राज्यवादी आकाओं की ‘बाँटो और राज करो’ की नीति को ये विघटनकारी मानसिकता के नकारात्मक लोग हर स्तर पर लागू करते हैं। भाजपा किसी की सगी नहीं है, भाजपाइयों का बस चले तो एक शरीर के दो हाथों को भी मिलने न दे।
उन्होंने कहा:छल से अर्जित सत्ता, हमेशा एकता से डरती है, अन्याय उसकी पहचान होती है और अत्याचार उसका हथियार। अपने चैनल पर निवर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा:
समुद्र किनारे के आज के साम्राज्यवादी विचारवंशी भी ‘भेद’ को ही अपनी कूटनीति मानते हैं।
शारदा पीठ के अहर्निश पूज्य शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का ये प्रवचन-कथन सभी के लिए दिशा निर्देशक एवं मार्ग निर्धारक है कि ‘नेता वही जिसमें नीति हो और नीति उसीमें होती है, जिसमें नैतिकता होती है’।
पूजनीय शंकराचार्य जी की ये बात हर दंभी-घमंडी को सुननी और अंगीकृत करनी चाहिए पर अभिमानी सुनते नहीं हैं, इसीलिए उनका पतन-अंत होता ही है क्योंकि:अभिमान के नहीं होते कान!
सपा सुप्रीमो ने कहा:
‘धर्म तथा अहंकार’ की लड़ाई ही महाकाव्यों का मूल विषय रहा है, और अंहकार का अंततः अंत होता है, यही मूल संदेश।
उन्होंने कहा:
अहंकारी कभी सनातनी नहीं हो सकता है।
जितना भाजपा का भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है, उतना ही नदियों का प्रदूषण भी। भाजपा राज में श्वेतपोश भाजपाइयों की धांधली ‘श्वेत झाग’ बनकर भाजपाई गोरखधंधे का भंडाफोड़ कर रही है।
उन्होंने कहा:
जब ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ बन सकती है तो आश्रमों को जोड़ने के लिए ‘सनातन सड़क योजना’ क्यों नहीं बनाई जा सकती?
इससे धर्म का मार्ग प्रशस्त होगा और सच्चे धर्म प्रधान लोगों को सत्संग के साथ-साथ, महाझूठ के इस शासनकाल में ‘सच-संग’ का भी पुण्यफल मिल सकेगा।
निवर्तमान मुख्यमंत्री श्री अखिलेश ने कहा:
ये नोटबंदी के बाद भाजपा सरकार का वोटबंदी अभियान हैं। भाजपा की नीयत तब भी ख़राब थी, अब भी ख़राब है।पहले तो सिर्फ़ मुसलमानों लोगों को काग़ज़ के लिए परेशान किया जाता था, अब तो हिंदुओं को भी नोटिस पर नोटिस जा रहे हैं। कोई दावा कर रहा था कि हम ग़लत वोटों के पकड़े जाने पर उन लोगों को डिटेंशन सेंटर भेज देंगे तो क्या अब वो वोट के आधार पर नागरिकता तय करेंगे और लोगों को उनके खेत, ज़मीन, घर-मकान से बेदखल करेंगे क्या? जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन जी के परिजनों को नकार दिया गया तो आम लोगों का क्या, वो बेचारे तो लड़ भी नहीं पाएंगे, उल्टे वोटर कार्ड नहीं होने पर वो और उनके परिवार के बुजुर्ग और बच्चे अपने हक़-अधिकार, विरासत, जायदाद, जमा-पूंजी के ज़ब्त हो जाने के डर से हमेशा तनाव और चिंता में ही रहेंगे।
सपा सुप्रीमो अखिलेश ने कहा:
सच तो ये है कि भाजपा ने अपनी बेईमानी, धोखेबाज़ी और चाल-चरित्र के ऐतिहासिक पतन के कारण अपना जनाधार पूरी तरह खो दिया है। इसीलिए अब भाजपा को सिर्फ़ धांधली का ही भरोसा है। उसके तथाकथित पन्ना प्रमुख ख़ुद ही भाजपाइयों को देखकर मुँह फेर ले रहे हैं क्योंकि, भाजपा के गोरखधंधे, गलत नीतियों, महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी की वजह से वो अपने गाँव, समाज, बिरादरी में मुँह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा:
जनता कह रही है कि ये तो सीधी सी बात है कि आज जिन काग़ज़ों को दिखाकर वोटर के नाम, उम्र व अन्य विवरण को ठीक करने का दावा चुनाव आयोग कर रहा है, वही काग़ज़ तो पहले भी वोटर ने दिखाए थे, तब फिर गलती कैसे हुई और क्या गारंटी कि फिर नहीं होगी? इसका मतलब गलती चुनाव आयोग ने करी और वोट सही कराने के लिए, अपना सारा काम छोड़कर दौड़ना जनता को पड़ रहा है।
निवर्तमान मुख्यमंत्री श्री अखिलेश ने कहा:
दरअसल सीधी बात ये है कि ये पीडीए के वोट काटने का एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जिसमें अगर वोटर थोड़ा जागरूक हुआ तो अपना नाम जुड़वा लेगा नहीं तो नाम ठीक कराने में आ रहीं दिक़्क़तों के कारण पीछे हट जाएगा। पीडीए प्रहरियों और ईमानदार बीएलओ की वजह से भाजपा व उनके संगी-साथी अपनी चाल में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा:
पीडीए प्रहरी याद रखें :
एक भी झूठा वोट न जुड़ने पाए
एक भी सही वोट न कटने पाए
एक भी सही वोट न घटने पाए भाजपाई मतलब सब हवा-हवाई!
उन्होंने कहा:
निवेश के नये आँकड़े देने से पहले पुराने समझौतों की सच्चाई जनता को बताइए। यूपी की भाजपा सरकार ने दिखाये तो करोड़ों करोड़ के MoU लेकिन ज़मीन पर इनके बनाये हवाई अड्डों की तरह कुछ भी नहीं उतरा। उन्होंने कहा:
जनता पूछ रही है सिंगापुर में MERLION की जलधारा देखी तो यूपी की टंकियों की याद आई या नहीं?






















