-धर्मगुरु ने खुद दवा खाकर तोड़ी ‘भ्रम की दीवार’
वैशाली। जिले में लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से संचालित 17 दिवसीय आईडीए-एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान प्रभावी रूप से चल कर रहा है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, जीविका, पंचायती राज विभाग तथा पिरामल फाउंडेशन के समन्वित सहयोग से जिले के दो एंडेमिक प्रखंडों चेहराकलां एवं महुआ में अभियान की गतिविधियाँ सक्रिय रूप से संचालित की जा रही हैं।
11 फरवरी को आयोजित मेगा कैंप के दौरान 1,34,000 लाभार्थियों के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 1,21,791 लाभार्थियों द्वारा दवा का सेवन किया गया, जो कुल लक्ष्य का 91 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ वैशाली जिला राज्य स्तर पर चौथे स्थान पर रहा। यह सफलता फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में जिले की प्रतिबद्धता एवं जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय को दर्शाती है।
घर-घर अभियान के दूसरे दिन महुआ एवं चेहराकलां प्रखंडों में व्यापक स्तर पर दवा खिलाया गया। घर-घर जाकर दवा खिलाने की प्रक्रिया से समुदाय के साथ सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ी तथा दवा सेवन के प्रति सकारात्मकता एवं विश्वास में वृद्धि हुई।
इसी क्रम में महुआ प्रखंड के मिर्जापुर पंचायत के एक टोला में सामूहिक अस्वीकृति (मास रिफ्यूजल) की सूचना प्राप्त हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी अमित कुमार एवं पीयूष चंद्र के द्वारा क्षेत्र का भ्रमण किया गया। स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरु हैदर अली के साथ विस्तृत संवाद एवं जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। शंकाओं के समाधान के उपरांत उन्होंने स्वयं दवा का सेवन किया तथा एक अपील वीडियो संदेश जारी कर समुदाय से फाइलेरिया से बचाव हेतु दवा सेवन की अपील की।
उन्होंने मस्जिद से माइकिंग के माध्यम से जागरूकता प्रसारित करने एवं स्वास्थ्य तथा पिरामल टीम के साथ मिलकर लोगों को प्रेरित करने का आश्वासन भी दिया। यह पहल समुदाय में विश्वास निर्माण एवं सहभागिता बढ़ाने की दिशा में अत्यंत सराहनीय कदम है।
घर-घर अभियान की गतिविधियों का नियमित पर्यवेक्षण प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी , प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक प्रबंधक , फाइलेरिया प्रभारी अमित कुमार, जिला स्तरीय प्रतिनिधि पीयूष चंद्र, पीओ-सीडी कृष्णदेव कुमार, जय शंकर कुमार तथा पिरामल टीम की फेलो सुश्री अर्पिता द्वारा किया जा रहा है। इनके सतत मार्गदर्शन एवं निगरानी से अभियान का क्रियान्वयन व्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो रहा है।
प्रत्येक संध्या समीक्षा बैठक आयोजित कर दैनिक प्रगति की समीक्षा, चुनौतियों की पहचान एवं आगामी रणनीति तैयार की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में अस्वीकृति जैसी चुनौतियों के समाधान हेतु वार्ड सदस्यों के सहयोग से विशेष कार्ययोजना बनाई जा रही है। सुदृढ़ अंतर्विभागीय समन्वय, फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी तथा समुदाय के निरंतर सहयोग से वैशाली जिले में 17 दिवसीय एमडीए–आईडीए अभियान फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है।




















