नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया जिले में आमजन के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी अररिया के निर्देश पर गठित विशेष धावा दल ने अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, जांच घर एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी कर कुल सात संस्थानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई चिकित्सा मानकों के उल्लंघन एवं आवश्यक निबंधन के अभाव में की गई।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिले में कई नर्सिंग होम एवं जांच केंद्र बिना वैध निबंधन और मानकों के संचालित हो रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के आलोक में जिला पदाधिकारी के आदेश पर विशेष धावा दल का गठन किया गया। बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित कुल नौ नर्सिंग होम एवं जांच केंद्रों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान हसनैन पैथोलॉजी एवं ए.आर. पैथोलॉजी के सभी दस्तावेज और निबंधन नियमसंगत पाए गए, जिसके बाद उन्हें संचालन की अनुमति दी गई।
वहीं जांच के क्रम में उमर नर्सिंग होम, एन.एन. हेल्थ एंड वेलनेस क्लिनिक, अररिया फिजियोथैरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर, पटना डिजिटल एक्स-रे, हाईटेक पैथोलॉजी एवं दो अन्य बेनामी पैथोलॉजी केंद्रों द्वारा न तो वैध निबंधन से संबंधित कागजात प्रस्तुत किए गए और न ही विभागीय मानकों का पालन किया गया।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन सातों संस्थानों को सील कर दिया।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आम लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थान न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि मरीजों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे भी इस तरह की जांच और कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में धावा दल का नेतृत्व वरीय उप समाहर्ता अररिया श्री अभिजीत कुमार ने किया। उनके साथ श्री चन्द्रशेखर यादव, पीएचसी अररिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रहलाद कुमार निराला, नरपतगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार सिंह तथा रानीगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोहित कुमार झा मौजूद थे। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध संस्थानों में हड़कंप मच गया है, जबकि आम जनता ने इसे जनहित में जरूरी कदम बताया है।























