– घटना 17 दिसंबर 2005 को सुबह साढ़े 08 बजे की है
नज़रिया न्यूज़ (रूबी बिनीत), अररिया।
20 वर्ष पूर्व जानलेवा हमले करने का मामला प्रमाणित होने पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गूँजन पांडेय ने 08 आरोपितों को दोबारा ऐसी गलती न हो, डॉट फटकार लगाते हुए कर छोड़ दिये हैं।
आठो आरोपियों मे 04 महिला व 04 पुरुष है। सज़ा पाने वालों में जिले के बरदाहा थाना क्षेत्र के कौआकोह गांव के मो मुन्तज़िर, जलालुद्दीन, शमशेर, मैनुद्दीन, खैतुंन खातून, संजीरा खातून, समीला खातून व जासीमा खातून है।
यह सजा एसटी 315/2011 मे सुनाया गया है।
जानकारी देते हुए लोक अभियोजक (पीपी) रामा नंद मंडल ने बताया कि घटना 17 दिसंबर 2005 को साढ़े 08 बजे दिन की है।
सभी आरोपी मिलकर जिले के घूरना थाना क्षेत्र के पथराहा गांव के रहनेवाले मो साबिर की पत्नी लज़मा खातून को जान मारने की नियत से लोहे के दबिया से सिर पर मारकर जख्मी कर दिया था।
घटना को लेकर पीड़िता सह जख्मी लज़मा खातून के पति मो साबिर पिता स्व अकबर ने आरोपियों के विरुद्ध घूरना थाना में प्रार्थमिकी दर्ज कराया था, जिसके तहत नरपतगंज (घूरना) थाना कांड संख्या- 205/2005 दिनांक 18 दिसंबर 2005 दर्ज हुआ था।
इस मामले में वचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शम्भू शरण चौधरी ने बहस किया।




















