– जनप्रतिनिधियों और दलों से मांगे गये सुझाव
नजरिया न्यूज, अररिया।
अर्हता तिथि 01 जुलाई 2025 के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण, 2025 के अंतर्गत मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण से जुड़ी जानकारी साझा करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श्री अनिल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के माननीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि एवं सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (EROs) उपस्थित रहे। इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य मतदान केन्द्रों की स्थिति की समीक्षा करना और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक युक्तिकरण प्रस्तावों पर चर्चा करना था।
बैठक में बताया गया कि प्रत्येक मतदान केन्द्र पर 1,200 निर्वाचकों की सीमा सुनिश्चित की जा रही है। इस मानक से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केन्द्रों को चिन्हित कर, नए केन्द्रों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी मतदाता को 2 किलोमीटर से अधिक दूरी या किसी प्राकृतिक बाधा को पार कर मतदान केन्द्र तक न जाना पड़े।
मतदान केन्द्रों की भौतिक जांच 100% सुनिश्चित की जा रही है ताकि भवन सुरक्षित, सुगम और आयोग के मानकों के अनुरूप हो। किसी भी नये मतदान केन्द्र के निर्धारण से पहले राजनैतिक दलों से परामर्श लिया जाना अनिवार्य बताया गया, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार:
जिले में कुल मतदान केन्द्रों की संख्या: 2028
1200 से अधिक मतदाताओं वाले केन्द्र: 551
केवल मतदाताओं की टैगिंग हेतु केन्द्र: 261
Same Location पर प्रस्तावित नए केन्द्र: 284
मूल स्थान के समीप बनने वाले नए केन्द्र: 06
इसके अतिरिक्त, 30 जून से 6 जुलाई 2025 तक दावा-आपत्ति दर्ज की जा सकती है, जिसे संबंधित ERO या जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा किया जा सकता है।
बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई:
मतदान केन्द्रों में शौचालय, रैम्प, बिजली, पानी, फर्नीचर जैसी बुनियादी सुविधाएं होना अनिवार्य है।
धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और पुलिस थानों में मतदान केन्द्र नहीं बनाए जाएंगे।
राजनैतिक दलों के कार्यालय मतदान केन्द्र से 200 मीटर के भीतर नहीं होने चाहिए।
परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही मतदान केन्द्र में दर्ज हो।
यदि किसी मतदान केन्द्र का स्थान या नाम परिवर्तित किया जाता है तो उसका स्पष्ट उल्लेख अभ्युक्ति कॉलम में किया जाना आवश्यक होगा, साथ ही निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन सहित मंतव्य भी प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक के अंत में सभी राजनैतिक दलों एवं जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त कर, सहयोग की अपेक्षा के साथ बैठक की कार्यवाही समाप्त की गई।






















