– जांच की मांग तेज
लैलोखर के गरैया में मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण योजना के तहत हो रहा संदेहास्पद निर्माण
नजरिया न्यूज, अररिया। रंजन राज। जिला के लैलोखर पंचायत अंतर्गत गरैया गांव में मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य जारी है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कराए जा रहे इस कार्य का संवेदक संजय कुमार गुप्ता है। कार्यस्थल पर लगाए गए बोर्ड के अनुसार यह योजना पूरी तरह सरकारी स्वीकृति के तहत हो रही है, लेकिन स्थानीय लोग इस कार्य पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय वार्ड नंबर 5 निवासी मोहम्मद ईखलाक ने बताया कि जिस सड़क की ढलाई दोबारा की जा रही है, वह सड़क पूरी तरह दुरुस्त है और इसमें कहीं कोई टूट-फूट नहीं है। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तो सही लग रही है, लेकिन यह समझ से परे है कि इंजीनियरों और जिला प्रशासन ने एक सही-सलामत सड़क को फिर से बनाने की अनुमति कैसे दी।
वहीं, साइट पर मौजूद मुंशी राजकुमार झा ने बताया कि यह सड़क करीब 940 मीटर लंबी है और उन्हें संवेदक ने कार्य कराने के लिए निर्देशित किया है। ग्रामीण नफीस रेज ने सरकार पर पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि “यह सड़क अभी 10 साल तक आराम से चल सकती है। दोनों ओर नाला पहले से बना है, जिसकी केवल सफाई की जरूरत है, लेकिन यहां पूरी सड़क पर दोबारा ढलाई की जा रही है।”
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कार्य में सफेद बालू और कम ग्रेड के सीमेंट का इस्तेमाल हो रहा है और पहले से बनी ढलाई पर दोबारा कंक्रीट डाला जा रहा है।
अब सवाल उठता है कि जब सड़क सही हालत में है, तो उस पर दोबारा निर्माण की क्या जरूरत थी? क्या यह सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं है?
स्थानीय जनता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।






















