नजरिया न्यूज, कुर्साकांटा। रंजन राज।
अररिया जिला अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत बनाई गई कुआड़ी से भीमपोखर तक की सड़क की स्थिति इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। करोड़ों की लागत से बनी यह सड़क कुछ ही वर्षों में बदहाली का शिकार हो गई है।
जानकारी के अनुसार, उक्त सड़क के मरम्मत कार्य के लिए योजना का नाम “कुआड़ी से भीमपोखर सड़क मरमति कार्य” था, जिसकी प्राक्कलित राशि ₹51,13,205 थी। कुल लंबाई 1500 मीटर बताई गई थी और पाँच वर्षों तक इसके अनुरक्षण पर ₹14,15,487 खर्च किए जाने की योजना थी। निर्माण कार्य 24 सितंबर 2020 को शुरू हुआ और 23 सितंबर 2021 को कार्य समाप्ति की तिथि निर्धारित की गई थी। संवेदक संजीव कुमार थे जबकि कार्यकारी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग, अररिया थी।
हालांकि, वर्तमान स्थिति देखी जाए तो शिव मंदिर के पास सड़क पर पानी जमा हुआ है और कीचड़ की वजह से राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। सड़क की न तो समय पर मरम्मत की गई और न ही अनुरक्षण कार्य दिखाई देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हो रही।
अब सवाल यह उठता है कि जब इतनी बड़ी राशि खर्च की गई और पाँच साल तक अनुरक्षण का दावा किया गया, तो फिर सड़क की यह हालत क्यों? संबंधित विभाग और संवेदक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से इस पर अविलंब संज्ञान लेकर सड़क की मरम्मत तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था की मांग की जा रही है।






















