आदिकारी और कोर्ट की मिलीभगत से आदिवासियों की छीनी जा रही भूमि
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 28जून
देश में भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान राज्य सरकारों को करना है। भूमाफिया, भूमि बंदोबस्त करने वाले कर्मचारी और भूमि विवाद हल करने प्रशासनिक पदाधिकारियों को मिली भगत से गरीब काश्तकारों की भूमि हड़पी जा रही है।यह सारा चकबंदी और डिजटलीकरण के नाम पर खेला जा रहा है। बिहार प्रदेश के किशनगंज जिला तथा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का कारनामा नजरिया न्यूज उजागर कर चुका है। आज झारखंड प्रदेश और गुजरात के आदिवासियों ने भूमि संबंधी विवादों में हो रहे खेल की जानकारी लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी को दी। वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से राहुल गांधी ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा:
आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात और बातचीत
उन्होंने आगे कहा:
कुछ दिनों पहले आदिवासी समाज के कई प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई जहां उनसे उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, जल, जंगल ज़मीन और उसके ऊपर संवैधानिक अधिकारों के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी हैं। चाहे सामाजिक अन्याय हो या डिजिटलीकरण से ज़मीन छीनना, देश के आदिवासी त्रस्त हैं।
राहुल गांधी बताया कि हमने, उन्हें आश्वासन दिया कि इस लड़ाई में उनके साथ हूं। उन्हें राजनीतिक शक्ति दे कर सामाजिक रूप से भी मजबूत करना मेरा लक्ष्य है, जिसकी शुरुआत उन्हें कांग्रेस पार्टी के भीतर पद, आवाज और समर्थन देकर होगी।
राहुल गांधी ने कहा:
‘संगठन सृजन अभियान’ द्वारा नए ज़िला अध्यक्षों की नियुक्ति आदिवासी और बहुजन समाज की समावेशिता और हिस्सेदारी को नजर में रखकर की जा रही है। हमने गुजरात से ये पहल शुरू की जिसे हर प्रदेश में कांग्रेस लागू करेगी।
लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा:
आने वाले समय में जब सत्ता में उनकी सशक्त और एकजुट आवाज़ गूंजेगी तो वर्तमान की परिस्थितियों में परिवर्तन को कोई रोक नहीं पाएगा।




















