– सुपरभाईजरी सह मेडिएशन कमिटि की बैठक मे लिये गये कई निर्णय
नज़रिया न्यूज़ (रूबी बिनीत), अररिया।
न्यायमण्डल स्थित फैमिली जज के प्रकोष्ठ मे सुपरभाईजरी सह मेडिएशन कमिटि की बैठक बुलाई गई.
बैठक की अध्यक्षता फैमिली जज सह सुपरभाईजरी सह मेडिएशन कमिटि के अध्यक्ष अविनाश कुमार टू ने की.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए फैमिली जज अविनाश कुमार टू ने कहा कि मध्यस्थता एक ऐसी प्रणाली है जिसमें एक निष्पक्ष मध्यस्थ वादी और प्रतिवादी को अपने झगडे या मामले आपसी समझ व सम्मति से सुलझाने में सहायता करता है.
यह प्रक्रिया गोपनीय और ऐच्छिक तो है ही, इसमें भागेदारी करने का भी मौका मिलता है.
बताया गया कि मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात कहने का और आपसी विवाद के समाधान तैयार करने का अवसर मिलता है.
यही कारण है कि मध्यस्थता एक मिलीजुली प्रक्रिया है – इसमें झगडा समाप्त करने की वादियों की अपनी इच्छा और उन्हें समाधान तक ले जाने का मध्यस्थ का कोशल, दोनों शामिल हैं.
इसलिए न्यायार्थियों को अपने किसी भी प्रकार के वादों के निपटारे के लिए मध्यस्थता का रूख करना ही चाहिए. इससे न्यायार्थियों को फायदा ही मिलेगा. इसलिए वादों के निपटारे के लिए मध्यस्थता का रूख जरूरी है. इसके लिए मुकदमाओ मे समझौता के लिए मुक़दमबाजो को मध्यस्थता का रूख करने की सलाह दी गई.
उन्होंने उपस्थित सदस्यों से कहा कि न्यायालयो मे जितनी तेजी से मुकदमा हो रहे हैं. उतनी तेजी से उनका निस्तारण नही हो पा रहा है. इससे न्यायलयों मे मुकदमाओ की बढ़ोतरी दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं. मुकदमाओ के इस बोझ को कम करने में मध्यस्थता काफी हद तक सहयोगी सिद्ध हो रहा है.
एडीजे-04 सह सुपरभाईजरी सह मेडिएशन कमिटि के सदस्य रवि कुमार ने भी मध्यस्थता की राह अपनाने की बात का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से कई अनसुलझे मामले सुलझ सकते हैं.
एसीजेएम सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव व मुंसिफ सह सुपरभाईजरी सह मेडिएशन कमिटि के जॉइंट सेक्रेटरी सह प्रभारी जज इंचार्ज उदयवीर सिंह ने भी कई सुझाव दिये.
इस सुपरभाईजरी सह मेडिएशन कमिटि की बैठक में लोक अभियोजक (पीपी) रामानन्द मंडल, सरकारी वकील अशोक कुमार पासवान, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष तपन कुमार बनर्जी, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, मेडिएशन सेंटर के प्रशिक्षित मध्यस्थ अधिवक्ता सह सुपरभाईजरी सह मेडिएशन कमिटि के सदस्य क्रमशः कुमारी वीणा व बिनीत प्रकाश, नीरज प्रसाद आदि मौजूद रहे.






















