सबसे छोटे और सबसे प्रतिष्ठित समुदायों में है पारसी समुदाय की पहचान
अशोक सिंह सुबेदार, नजरिया न्यूज ब्यूरो मुंबई, 27जून।
पारसी समुदाय को समर्थन देने और उनकी घटती जनसंख्या को रोकने के निरंतर प्रयास में, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 26जून को मुंबई में जियो पारसी योजना के लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अभियान चलाया।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के उप महानिदेशक आलोक कुमार वर्मा और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ बॉम्बे पारसी पंचायत और महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया।
इस मौके पर मुंबई में पंजीकृत 148 लाभार्थियों में से लगभग 100 ने भाग लिया और अपना अनिवार्य वार्षिक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कार्य पूरा किया।
उल्लेखनीय है कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की प्रमुख पहल जियो पारसी योजना में तीन प्रमुख घटक शामिल हैं:
चिकित्सा सहायता के तहत आईवीएफ, आईसीएसआई, सरोगेसी और गर्भधारण के बाद की देखभाल जैसे बांझपन से जुड़े उपचारों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
मुंबई-कार्यक्रम में मौजूद पारसी समुदाय के परिवारजन -नजरिया न्यूज
समुदाय का स्वास्थ्य: बच्चों वाले पारसी दंपतियों के साथ-साथ आश्रित बुजुर्ग सदस्यों को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना। इसके अलावा समुदाय के भीतर समय पर विवाह, प्रजनन संबंधी जागरूकता और पारिवारिक समर्थन को बढ़ावा देना शामिल है।
मौके पर जानकारी दी गई कि अल्पसंख्यक मंत्रालय योजनाओं तक पहुंच के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। अब तक जियो पारसी योजना के तहत नामांकन के लिए 138 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये आवेदन अभी जांच के चरण में हैं और योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पारसी समुदाय भारत के सबसे छोटे और सबसे प्रतिष्ठित समुदायों में से एक है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के पदाधिकारियों ने कहा: पारसी समुदाय की सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय निरंतरता का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका जियो पारसी योजना निभा रही है। 26जून का सफल बायोमेट्रिक अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और पारसी समुदाय को निरंतर लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की एक सार्थक पहल को दर्शाता है।






















