नजरिया न्यूज़, अररिया। राज्य के विभिन्न आयोजना क्षेत्रों के समुचित और समावेशी विकास के लिए बिहार सरकार द्वारा “Preparation of GIS Based Master Plan in Bihar” योजना के तहत GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए तय किए गए Agreement एवं Standard Operating Procedure (SOP) के अनुरूप प्रत्येक आयोजन क्षेत्र में संबंधित विभागों व प्राधिकारों के साथ Stakeholders Meeting का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में फारबिसगंज आयोजना क्षेत्र हेतु GIS आधारित मास्टर प्लान निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार, अररिया में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता फारबिसगंज/अररिया आयोजना क्षेत्र प्राधिकरण के अध्यक्ष-सह-जिलाधिकारी अररिया ने की। बैठक के दौरान Stage-1 (Inception Report) का प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों से योजनाओं के संदर्भ में फीडबैक प्राप्त करना, वर्तमान एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी साझा करना, तथा नवीनतम व अद्यतन डाटा की उपलब्धता सुनिश्चित करना था ताकि GIS आधारित मास्टर प्लान अधिक उपयोगी, समन्वित एवं व्यावहारिक रूप में तैयार किया जा सके।
जिलाधिकारी अररिया ने सभी उपस्थित विभागीय अधिकारियों से उनके संबंधित विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण डाटा और सूचनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मास्टर प्लान तभी प्रभावी साबित होगा जब उसमें जमीनी सच्चाई, विभागीय जानकारी और लोकहित को समाहित किया जाए।
इस बैठक में कृषि, पशुपालन, भवन निर्माण, राजस्व, पथ निर्माण, विद्युत आपूर्ति, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय सेवा, मत्स्य, उद्योग, रेलवे, व्यापार एवं वाणिज्य सहित लगभग सभी प्रमुख विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी विभागों द्वारा अपने-अपने सेक्टर से संबंधित चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि आगामी मास्टर प्लान निर्माण में उपयोग हेतु सभी विभाग नवीनतम और प्रामाणिक डाटा शीघ्र उपलब्ध कराएं।
बैठक में विशेष रूप से सिविल सर्जन अररिया, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र अररिया, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद फारबिसगंज एवं अररिया, के साथ-साथ अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारीगण भी मौजूद थे।
इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि राज्य सरकार आगामी शहरी विकास को डेटा-आधारित और समन्वित दृष्टिकोण से आगे बढ़ाना चाहती है। GIS आधारित मास्टर प्लान के माध्यम से शहरों की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या घनत्व, यातायात, बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं, आपदा प्रबंधन और अन्य पहलुओं का समग्र अध्ययन कर योजनाएं बनाई जाएंगी, जिससे भविष्य में योजनाबद्ध और सतत विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
इस पहल के माध्यम से फारबिसगंज और अररिया जैसे क्षेत्रों में सुनियोजित विकास की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है, जिसकी सफलता स्थानीय प्रशासन और विभागीय समन्वय पर निर्भर करेगी।






















