– मशरूम उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
नजरिया न्यूज, अररिया।
जिले के ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एसबीआई आरसेटी (भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) अररिया द्वारा आयोजित 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आज समारोहपूर्वक किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न पंचायतों और गांवों से आए 32 महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया और मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत 10 दिन पूर्व की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और लोगों को कृषि आधारित वैकल्पिक आय के साधनों से जोड़ना था। आज के समापन समारोह में प्रशिक्षुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस प्रशिक्षण से बहुत कुछ नया सीखने को मिला, जो भविष्य में उनके जीवन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम की बुआई, वातावरण की अनुकूलता, बीज की गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक, रोग नियंत्रण, कटाई, भंडारण, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मशरूम के पोषण मूल्य, औषधीय गुण और इसकी बढ़ती बाजार मांग पर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि मशरूम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसका उपयोग न केवल भोजन के रूप में बल्कि औषधीय रूप में भी होता है। इस कारण से आज के समय में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। कम लागत और सीमित जगह में इसकी खेती कर अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है।
महिला प्रतिभागियों ने बताया कि वे इस प्रशिक्षण से काफी प्रेरित हुई हैं और अब वे अपने घरों में ही मशरूम उत्पादन शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें भी एक नया आय स्रोत मिल गया है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकती हैं। वहीं पुरुष प्रतिभागियों ने भी इसे पारंपरिक खेती के साथ जोड़कर अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बताया।
समापन समारोह में संस्थान के निदेशक और प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस ज्ञान का लाभ न केवल स्वयं लें बल्कि अपने आस-पास के लोगों को भी प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस लाभकारी व्यवसाय से जुड़ सकें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने जिले के लोगों को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में एक नई दिशा दी है। एसबीआई आरसेटी द्वारा किया गया यह प्रयास स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है।






















