नजरिया न्यूज़, अररिया।
जिला प्रशासन अररिया की ओर से बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत आज अररिया सदर प्रखंड में बाल श्रमिक (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत एक विशेष धावादल का गठन कर बड़ी कार्रवाई की गई। इस धावा दल का नेतृत्व श्रम अधीक्षक श्री अमित कुमार द्वारा किया गया, जिन्होंने जिले के विभिन्न श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों एवं स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों के सहयोग से टीम का गठन कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
धावा दल में श्री अमर ज्योति (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, अररिया सदर), श्री सौरभ प्रभाकर (कुर्साकांटा), श्री आशीष कुमार पासवान (पलासी), श्री अमीत कुमार कश्यप (जोकिहाट), श्रीमती ममता कुमारी (नरपतगंज), तथा स्थानीय पुलिस बल को शामिल किया गया था। यह टीम आज सुबह से ही अररिया सदर प्रखंड के विभिन्न प्रतिष्ठानों और व्यवसायिक संस्थानों पर निगरानी अभियान में जुटी रही।
इस विशेष छापेमारी के दौरान जिले के दो प्रतिष्ठानों से कुल दो नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। पहला मामला ईदगाह चौक वार्ड संख्या 11 स्थित जहरूल मोटर साइकिल गैरेज से सामने आया, जबकि दूसरा मामला पप्पू स्वीट्स शॉप, वार्ड संख्या 23, काली मंदिर क्षेत्र से मिला। इन दोनों प्रतिष्ठानों पर बाल श्रमिकों से कार्य करवाने के गंभीर आरोप पाए गए हैं।
धावा दल ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध बाल श्रमिक (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय एम.सी. मेहता बनाम स्टेट ऑफ तमिलनाडु के आलोक में प्रत्येक नियोजक पर ₹20,000 (बीस हजार रुपए) की आर्थिक दंड की नोटिस निर्गत की जाएगी। यह राशि “बाल श्रमिक पुनर्वास-सह-कल्याण कोष, अररिया” में जमा कराई जाएगी, जिसका उपयोग विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास एवं शिक्षा हेतु किया जाएगा।
श्रम अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताया कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक अपराध है और इसके विरुद्ध जिला प्रशासन की ओर से शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल श्रमिकों की शिनाख्त के उपरांत उन्हें आवश्यक परामर्श, पुनर्वास, तथा शैक्षणिक सुविधा प्रदान की जाएगी ताकि वे फिर से श्रम के दलदल में न फंसे।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठान स्वामियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में कहीं भी बाल श्रम से संबंधित गतिविधियां पाई गईं, तो सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे बाल श्रम की घटनाओं की सूचना जिला श्रम विभाग या पुलिस को दें ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
यह कार्रवाई समाज में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।






















