- सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव के उपरांत प्रसूताओं को मिल रही है सुविधा
- जच्चा-बच्चा किट में पोषण युक्त आहार के साथ अन्य जरूरी सामग्री भी है शामिल
अररिया, 26 जून।
जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने व संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष किया जा रहा है। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव के लिये आने वाली महिलाओं के समुचित देखभाल व उपचार के साथ-साथ उनके पोषण का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के उपरांत सभी प्रसूताओं को विभाग द्वारा जच्चा-बच्चा किट उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी अनिल कुमार द्वारा इस विशेष योजना का की विधिवत शुरुआत किये जाने के बाद जिले में प्रसव सुविधा युक्त पीएचसी, सीएचसी, एपीएचसी में में प्रसव के उपरांत प्रसूताओं के बीच किट वितरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को रानीगंज के एपीएचसी गिदवास में प्रसूताओं के बीच जच्चा-बच्चा किट का वितरण किया गया।
किट की मदद से मां व नवजात का बेहतर देखभाल होगा संभव
जच्चा-बच्चा किट वितरित करते हुए रेफरल अस्पताल रानीगंज के प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से यह सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने, प्रसव के उपरांत मां व नवजात की बेहतर देखभाल सुनिश्चित कराने में यह महत्वपूर्ण साबित होगा। अस्पताल प्रबंधक प्रेरणा रानी वर्मा ने बताया कि प्रखंड के सभी अस्पतालों में प्रसव के उपरांत महिलाओं के बीच किट वितरित किया जा रहा है। इसमें जच्चा-बच्चा के पोषण व उचित देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री किट में शामिल है।
कई उपयोगी सामग्री किट में शामिल
जिला स्वास्थ्य समिति के प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि किट का वितरण जिले में मातृ-शिशु मृत्यु को कम करने में प्रभावी साबित होगा। किट में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का बधाई संदेश के साथ-साथ जच्चा-बच्चा की देखभाल व सतर्कता संबंधी जानकारी, संपूर्ण टीकाकरण की सूची, मातृ व शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी विवरणी, जननी सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जांच-इलाज की जानकारी, गर्भवती व प्रसूति महिलाओं की मृत्यु की सूचना देने के लिये डायल 104 टोल-फ्री नंबर की जानकारी के साथ-साथ सुधा स्पेशल घी, प्रीमिक्स खिचड़ी, नमकीन दलिया, प्रीमिक्स, राइस खीर, प्रोटीन बार व बेसन बर्फी के साथ-साथ आवश्यक दवाएं आयरन, फॉलिक एसिड, कैल्शियम, एस्कॉर्बिक एसिड, विटामीन-डी की गोलियां को शामिल किया गया है। जो जच्चा-बच्चा की बेहतर सेहत व पोषण के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
संस्थानों के प्रति बढ़ेगा लोगों का विश्वास
सिविल सर्जन केके कश्यप ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में जच्चा-बच्चा किट वितरित किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में प्रभावी रूप से किट का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव के लिये सरकारी चिकित्सा संस्थानों के प्रति लोगों में विश्वसनीयता बहाल करने व मातृ-शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिहाज से उन्होंने इस योजना को बेहद महत्वपूर्ण बताया।






















