नजरिया न्यूज़, अररिया।
अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर अररिया जिला प्रशासन द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एकदिवसीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय स्थित परमान सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और समाजसेवियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और जन-जागरूकता के लिए उन्हें प्रेरित करना था।
कार्यशाला की शुरुआत समाज में नशा उन्मूलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई, जिसमें मास्टर वालंटियर्स, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और नशा मुक्ति केंद्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर नशा मुक्त समाज की दिशा में कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. के.के. कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि “नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं को जागरूक करना ही नशा मुक्त भारत की सबसे अहम कड़ी है।” उन्होंने बताया कि किशोर अवस्था में अक्सर जिज्ञासावश या दबाव में आकर युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं, इसलिए समय पर संवाद और मार्गदर्शन जरूरी है।
सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, श्री नितेश कुमार पाठक ने नशा के कारण होने वाले सामाजिक विघटन और अपराधों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से पुनर्वास एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनसे प्रभावित व्यक्तियों को मुख्यधारा में लौटने में मदद मिलती है।
सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई, श्री शंभू कुमार राजक ने नशे से बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास, सही मित्रों का चुनाव और पारिवारिक संवाद नशे से बचने के प्रमुख उपाय हैं।
डीपीएम, स्वास्थ्य, श्री संतोष कुमार ने मेडिकल दृष्टिकोण से नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे यह शरीर को धीरे-धीरे नष्ट करता है। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र की भूमिका और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी।
इस कार्यशाला में जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष श्री संजय कुमार, साइकोलॉजिस्ट श्री शुभम कुमार, बुनियाद केंद्र के डीपीएम, अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि, और कई स्कूलों के शिक्षकों ने भी भाग लिया। कार्यशाला के अंतर्गत छात्रों द्वारा नशे पर लघु भाषण व अनुभव साझा करने का सत्र भी रखा गया, जिसमें कई विद्यार्थियों ने अपने परिवार या समाज में देखे गए अनुभवों को साझा किया। इन अनुभवों ने सभा में गहरी संवेदना और जागरूकता उत्पन्न की।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक शपथ ग्रहण के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस आयोजन को जिले में नशा उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावशाली पहल माना जा रहा है, जो आने वाले समय में जनसहभागिता के साथ और अधिक मजबूत हो सकती है।






















