भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025 के तहत बुधवार को जिला निर्वाचन कार्यालय, अररिया में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (ईआरओ) एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक की अध्यक्षता वरीय प्रभारी निर्वाचन पदाधिकारी सह एडीएम पीजीआरओ श्री अजय कुमार ठाकुर ने की। इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. राम बाबू कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अररिया सदर, डीसीएलआर अररिया एवं फारबिसगंज अनुमंडल के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अर्हता तिथि 01 जुलाई 2024 के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कार्यक्रम 25 जून 2025 से प्रारंभ होकर 26 जुलाई 2025 तक चलेगा। इस अवधि में मतदाता सूची के अद्यतन, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची का सत्यापन, ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन, और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक निर्धारित किया गया है। इसी आधार पर मतदान केंद्रों का पुनर्गठन एवं युक्तिकरण किया जाएगा ताकि मतदान प्रक्रिया और अधिक सुव्यवस्थित एवं सुगम हो सके।
बैठक में सभी ईआरओ एवं अन्य पदाधिकारियों को यह निर्देशित किया गया कि वे आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें और समयबद्ध तरीके से सभी कार्यों को निष्पादित करें। साथ ही, इस विशेष अभियान के दौरान पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया गया।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी पुनरीक्षण कार्यक्रम से संबंधित जानकारी दी गई और उनसे अपेक्षा की गई कि वे मतदाता जागरूकता अभियान में सहयोग प्रदान करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सभी वर्गों के मतदाताओं को समावेशित करने, और सुचारु चुनाव संचालन हेतु सभी आवश्यक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला निर्वाचन कार्यालय ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपने नाम, पते एवं अन्य विवरण की जांच कर लें तथा आवश्यकतानुसार संशोधन अथवा नए नामांकन के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।
इस बैठक से स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन आगामी चुनावों की तैयारी में गंभीरता से जुटा हुआ है और मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और समावेशी बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।






















