नजरिया न्यूज़, अररिया।
विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, अररिया में निवास कर रही एक अवाशित बालिका को आज एक नई जिंदगी की शुरुआत मिली। दत्तकग्रहण विनियम-2022 के अंतर्गत उसे बेंगलुरु से आए दत्तक माता-पिता को प्री-अडॉप्शन फोस्टर केयर के तहत सौंपा गया। यह प्रक्रिया जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं दत्तकग्रहण समिति के अध्यक्ष की देखरेख में पूरी की गई।
बालिका को सौंपे जाने से पूर्व सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और दत्तक माता-पिता को विधिवत परामर्श तथा मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अधिकारियों ने उन्हें दत्तकग्रहण प्रक्रिया की संवेदनशीलता, जिम्मेदारियों एवं पालन-पोषण से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
दत्तक माता-पिता ने बालिका को गोद लेने की इच्छा संस्था के माध्यम से व्यक्त की थी, जिसके पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका चयन किया गया। दोनों ही भावुक और उत्साहित नजर आए और उन्होंने बालिका को संपूर्ण स्नेह और सुरक्षा देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई ने बताया कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और बच्चे के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जाती है। संस्था का उद्देश्य प्रत्येक अनाथ एवं परित्यक्त बच्चे को एक सुरक्षित और स्नेहमयी पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
यह दत्तकग्रहण न केवल एक बच्ची के जीवन में उजाला लेकर आया, बल्कि समाज को भी एक प्रेरणादायक संदेश देता है कि हर बच्चा प्यार और संरक्षण का अधिकारी है।






















