नजरिया न्यूज, अररिया। आज भाजपा कार्यालय में भारतीय जनसंघ के संस्थापक और पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने की। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कश्मीर में “एक देश, एक विधान, एक निशान” के नारे के प्रणेता के रूप में याद किया गया। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। कश्मीर में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने आंदोलन किया था और इसी आंदोलन के दौरान 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी।
श्रद्धांजलि सभा में पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सुराणा, जिला महामंत्री आकाश राज, अनुसूचित जनजाति जिला अध्यक्ष गंगा ऋषिदेव, जिला मीडिया प्रभारी समित कुमार सुमन, जिला उपाध्यक्ष किरण कुमारी, मंत्री कनकलता झा, सुष्मिता ठाकुर, नगर अध्यक्ष संजय कुमार अकेला, नगर महासचिव संजीव कुमार पासवान, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष चांदनी सिंह महिला मोर्चा जिला महा मंत्री ज्योति भगत सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 की समाप्ति कर डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि देश को एक सूत्र में बांधने वाले ऐसे महामानव को युगों तक याद किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी गई और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। सभा में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता जताई।
यह कार्यक्रम न सिर्फ एक श्रद्धांजलि सभा थी, बल्कि देशप्रेम, एकता और अखंडता के प्रति समर्पण की भावना को पुनः जागृत करने का अवसर भी साबित हुआ।






















