वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी का उपहार प्राप्त हुआ : मुख्यमंत्री
=प्रदेश सरकार ने हरिहरपुर घराने की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आजमगढ़ में संगीत महाविद्यालय स्वीकृत किया: मुख्यमंत्री
प्रदेश में रोजगार सृजन के लिए एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर्स विकसित किए जा रहे: मुख्यमंत्री
राज्य सरकार विरासत का संरक्षण व विकास दोनों को साथ-साथ बढ़ा रही: योगी आदित्यनाथ
अनिल उपाध्याय, नजरिया न्यूज ब्यूरो, पूर्वांचल, 20जून।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जनता जनार्दन को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के माध्यम से जनपद आजमगढ़, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर तक की बेहतरीन वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी का उपहार आज प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने बीमारू राज्य के स्थान पर अब एक्सप्रेस-वे प्रदेश के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे के निर्माण के साथ विभिन्न रूपों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, जिससे रोजगार व विकास को नया आधार मिला है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद आजमगढ़ में 7283.28 करोड़ रुपये की लागत से
91.352 किमी0 लम्बे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के अवसर पर आयोजित एक जनसभा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण तथा सैण्ड ऑर्ट एवं फोटो गैलरी का अवलोकन भी किया। ज्ञातव्य है कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जनपद गोरखपुर के सहजनवा के समीप स्थित जैतपुर से प्रारम्भ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के स्टोन नम्बर-191 पर जनपद आजमगढ़ के सलारपुर में जुड़ा है। 04-लेन का यह एक्सप्रेस-वे 06-लेन विस्तारणीय है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देशवासियों के सामने वर्ष 2047 में भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य रखा था। विकसित भारत के लिए विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरन्तर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास प्रक्रिया के साथ जुड़ने के लिए जातिवाद, सम्प्रदायवाद से ऊपर उठना पड़ेगा। विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आगे बढ़ना होगा। विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए हर व्यक्ति को प्राण-प्रण से जुटना होगा।
प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि विकास व प्रगति के लिए गति चाहिए। समृद्धि के लिए प्रगति चाहिए। जब समृद्धि होगी तो हर चेहरे पर खुशहाली भी होगी। डबल इंजन सरकार लोगों को खुशहाली से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। आज से 08 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के नौजवानों व नागरिकों के सामने पहचान का संकट था। लोग आजमगढ़ का नाम लेने से घबराते थे। आजमगढ़ को पहचान का मोहताज होना पड़ा था, जबकि आजमगढ़ ने प्रदेश को दो-दो मुख्यमंत्री दिए हैं। विगत 08 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में आजमगढ़ पहचान का मोहताज नहीं रहा है।
आजमगढ़ अब अदम्य साहस का गढ़ बन चुका है। अब आजमगढ़ विकास की मुख्यधारा के साथ जुड़ चुका है। पहले कोई आतंकी वारदात होती थी तो बदनाम आजमगढ़ होता था। आज देश व प्रदेश की सुरक्षा में सेंध लगाने का कोई दुस्साहस नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री जी ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और अब ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश के दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भारत की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, आतंकवाद भड़काएगा, आतंकवाद को प्रेरित और प्रोत्साहित करेगा तो नया भारत घुस कर मारेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा तो उत्तर प्रदेश को समृद्ध होने से कोई नहीं रोक सकता। यह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। आज प्रदेश में इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी 04-लेन की है। हर जनपद मुख्यालय 04-लेन की कनेक्टिविटी और हर तहसील व ब्लॉक मुख्यालय 02-लेन की कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, योगी आदित्यनाथ, आजमगढ़ -नजरिया न्यूज
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे चार जनपदों-गोरखपुर, संतकबीरनगर, अम्बेडकरनगर व आजमगढ़ की आठ तहसीलों से गुजरता है। इस एक्सप्रेस-वे के संचालित हो जाने से इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज होगी। विगत आठ वर्षों में आजमगढ़ में विकास के अनेक कार्य सम्पन्न हुए हैं। आजमगढ़ 02 एक्सप्रेस-वे के साथ जुड़ चुका है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर आजमगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय संचालित है। जनपद के मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज का भी निर्माण हो चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व आजमगढ़ की साड़ी तथा ब्लैक पॉटरी को महत्व नहीं मिल पाया था। प्रदेश सरकार ने इन्हें एक नई पहचान दिलाने का कार्य किया है। आजमगढ़-मुबारकपुर की साड़ियां देश और दुनिया में पसंद की जा रही हैं। हरिहरपुर संगीत का एक प्रसिद्ध घराना रहा है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज हो गया था। इस घराने में गायन, वादन, नृत्य विधाएं एक साथ रही हैं। प्रदेश सरकार ने हरिहरपुर घराने की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आजमगढ़ में संगीत महाविद्यालय स्वीकृत किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जुलाई, 2018 में प्रधानमंत्री जी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था और उन्होंने वर्ष 2021 में उद्घाटन भी किया था। 340 किलोमीटर लम्बे इस एक्सप्रेस-वे के बनने से जनपद आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर के लोग सुबह लखनऊ जाते हैं और दोपहर में अपना कार्य सम्पन्न कर वापस अपने गांव, अपने शहर में वापस आ जाते हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी पटना तक होने से लोग दिल्ली से पटना तक की यात्रा कम समय में पूरी कर सकेंगे। वर्ष 2017 से पूर्व पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई मात्र 110 मीटर निर्धारित की गयी थी। प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ाकर 120 मीटर किया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर एक्सप्रेस-वे के साथ हाई स्पीड, सेमी हाई स्पीड ट्रेन का संचालन भी किया जा सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे ही थे और इनका कार्य भी अधूरा था। प्रदेश सरकार ने अधूरे कार्य को पूरा कराया। वर्ष 2022 में 300 किलोमीटर लम्बा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे क्रियाशील हो गया। इससे दिल्ली से आगरा होते हुए चित्रकूट तक की कनेक्टिविटी डेवलप हुई है। दिल्ली से मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेस-वे पहले ही प्रारम्भ हो चुका है। अब दिल्ली से मेरठ की दूरी तीन घण्टे के स्थान पर 40 से 45 मिनट में तय की जा सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मेरठ से लेकर के प्रयागराज तक लगभग 600 किलोमीटर लम्बा गंगा एक्सप्रेस-वे बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास होगा कि इस वर्ष के अंत तक प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से गंगा एक्सप्रेस-वे को लोकार्पित कराया जाए। लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे सहित लगभग 06 एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन हैं, जिन पर कार्य तेजी से चल रहा है।
विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता। प्रदेश में रोजगार सृजन के लिए औद्योगिक क्लस्टर्स इन एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित किए जा रहे हैं। इससे हमारे नौजवानों को उन्हीं के गांव, क्षेत्र में नौकरी व रोजगार मिलेगा। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश अपनी महती भूमिका का निर्वहन करेगा। वर्ष 2017 के पहले प्रदेश में 02 इंटरनेशनल एयरपोर्ट थे। आज उत्तर प्रदेश में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिसमें से 04 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। अयोध्या का इंटरनेशनल एयरपोर्ट महर्षि वाल्मीकि के नाम पर प्रारम्भ हो चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नौजवानों को नौकरी व रोजगार से जोड़ा जा रहा है। बेटी, व्यापारी व हर नागरिक को सुरक्षा की गारंटी दी जा रही है। सुरक्षा पर सेंध लगाने वालों से सख्ती से निपटा जा रहा है। सरकारी नौकरियां भ्रष्टाचारमुक्त व पारदर्शी तरीके से योग्य युवाओं को प्राप्त हो रही हैं। नौकरी व रोजगार में किसी क्षेत्र, भाषा, जाति, पंथ का कोई भेदभाव नहीं है। सबको समान रूप से अवसर मिल रहे हैं। हाल ही में सम्पन्न हुई 60,244 उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में आजमगढ़ के नौजवान भी सम्मिलित हैं। अब आजमगढ़ के नौजवान के सामने पहचान का संकट नहीं है। देश और दुनिया में उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता है। इस पुलिस भर्ती में 12,045 बेटियां भी सफल हुई हैं।
उत्तर प्रदेश ने विरासत और विकास का एक अद्भुत समन्वय स्थापित किया है। प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 का भव्य एवं दिव्य आयोजन, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण, काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, मिर्जापुर में माँ विन्ध्यवासनी धाम, चित्रकूट में चित्रकूट धाम को विकसित किया गया है। यह सभी आज प्रदेश को एक नई पहचान दिला रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार विरासत का संरक्षण व विकास दोनों को साथ-साथ बढ़ा रही है। हम अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध‘, महर्षि दुर्वासा, भृगु बाबा की परम्परा को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। अपनी प्राचीन परम्परा के संरक्षण का दायित्व हमारे ऊपर है। प्रदेश सरकार ऋषि परम्परा को संरक्षित करते हुए विकास कार्यों को निरन्तर आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जा रहा है। विकास की रफ्तार थमेगी नहीं, अनवरत आगे बढ़ेगी, क्योंकि यही विकास विकसित भारत का आधार बनेगा।
कार्यक्रम को औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, श्रम एवं सेवा योजना मंत्री श्री अनिल राजभर, कारागार मंत्री श्री दारा सिंह चौहान और मुख्य सचिव एवं यूपीडा के सी0ई0ओ0 श्री मनोज कुमार सिंह ने सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चन्द्र यादव, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री श्री जसवन्त सिंह सैनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।






















