नजरिया न्यूज, कटिहार (बिहार)। जिले से इस वक्त की बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आई है। कटिहार-बरोनी रेलखंड पर गुरुवार को अवध-असम एक्सप्रेस ट्रेन और रेलवे मेंटेनेन्स ट्रॉली के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक रेलकर्मी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से रेल विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
यह दुर्घटना सेमापुर और काढ़ागोला रेलवे स्टेशन के बीच उस समय हुई जब अवध-असम एक्सप्रेस ट्रेन लालगढ़ से डिब्रूगढ़ की ओर जा रही थी। उसी ट्रैक पर मेंटेनेन्स कार्य के लिए मौजूद ट्रॉली अचानक ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे यह टक्कर हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रॉली के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार रेलकर्मी बुरी तरह जख्मी हो गए। उनमें से एक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
घायलों को स्थानीय लोगों और रेलवे अधिकारियों की मदद से तत्काल कुर्सेला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगे रेफर किए जाने की संभावना है।
घटना के बाद कटिहार-बरोनी रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। कई ट्रेनों को रास्ते में रोक दिया गया या फिर रद्द कर दिया गया। यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन की ओर से दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्राथमिक जांच में ट्रॉली और ट्रेन के बीच समन्वय की कमी को हादसे की वजह बताया जा रहा है।
रेलवे के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। वहीं, मृतक रेलकर्मी के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा मानकों और ट्रैक पर समन्वय की अनिवार्यता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम घटनास्थल पर तैनात है। पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है और ट्रैक को साफ करने का काम युद्धस्तर पर जारी है ताकि जल्द से जल्द परिचालन सामान्य किया जा सके।
यह हादसा न केवल रेल विभाग की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि छोटी-सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन पर हैं कि वह कैसे इस घटना से सबक लेकर आगे की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।






















