नजरिया न्यूज, संवाददाता अररिया।
अररिया जिला प्रशासन संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी श्री अनिल कुमार ने फारबिसगंज प्रखंड के बाढ़ प्रभावित माने जाने वाले इलाकों—पिपरा, शाहबाजपुर, ओसरी घाट और कामत घाट—का शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
तटबंधों की स्थिति का लिया जायजा
निरीक्षण की शुरुआत पिपरा क्षेत्र से हुई, जहां डीएम अनिल कुमार ने सबसे पहले तटबंधों की स्थिति को गहनता से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तटबंधों पर किसी भी प्रकार की दरार, कटाव या कमजोरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देशित किया कि यदि कहीं मरम्मत की आवश्यकता हो, तो उसे अविलंब पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राहत एवं बचाव सामग्री की स्थिति का जायजा
इसके बाद जिलाधिकारी ने राहत व बचाव कार्यों से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने नावों की उपलब्धता, जीवन रक्षक जैकेट, राहत शिविरों की व्यवस्था, पेयजल, प्राथमिक उपचार सामग्री, साफ-सफाई और भोजन की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में लोगों के सुरक्षित स्थानों पर त्वरित स्थानांतरण की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में कोई परेशानी न हो।
स्थानीय लोगों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को भी सुना। लोगों ने बाढ़ के दौरान आने वाली चुनौतियों और पूर्व वर्षों के अनुभवों को साझा किया। जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रशासन उनके साथ है और किसी भी स्थिति में वे अकेले नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति से पहले ही निपटने की तैयारी सुनिश्चित करना है, ताकि नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
सभी तैयारियों को समय पर पूर्ण करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ पूर्व आवश्यक सभी तैयारियां एक तय समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने साफ कहा कि नाव, राहत सामग्री, दवाएं, सफाई, पीने का पानी और भोजन जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं हर हालत में उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे हर स्तर पर निगरानी रखें और रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें।
प्रशासन की सजगता से आमजन में विश्वास
इस निरीक्षण में अनुमंडल पदाधिकारी फारबिसगंज, प्रखंड विकास पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, तकनीकी अभियंता और कई अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि जनता प्रशासन की सक्रियता को लेकर जागरूक और संतुष्ट है।
डीएम अनिल कुमार की इस पहल को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल आपदा से पूर्व तैयारियों को बल मिलेगा, बल्कि आम जनता को भी यह भरोसा मिलेगा कि प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है। जिला प्रशासन की यह सक्रियता न केवल संभावित संकट को टालने में सहायक होगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जनता और प्रशासन मिलकर किसी भी आपदा से निपट सकते हैं।






















