सर्दी-खांसी, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, थकावट व पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं लोग
अररिया, 13 जून।
जिले में इन दिनों तेज धूप व उमस भरी गर्मी का लोगों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। उमस व गर्मी की वजह से सर्दी जुकाम, वायरल फीवर के साथ-साथ हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, थकावट, दस्त व पेट संबंधी अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौसमी बीमारी आसानी से हर आयु वर्ग के लोगों का अपना शिकार बना रहा है। सदर अस्पताल सहित जिले के अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बीते एक पखवाड़ा से मौसम जनित बीमारियों के लक्षण वाले बीमारियों में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिले के तमाम अस्पतालों को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है। ऐसे मरीजों को तत्काल जरूरी चिकित्सकीय जांच व उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिये निर्देशित किया गया है।
लापरवाही से बचें तत्काल इलाज को दें प्राथमिकता
सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में शरीर से अधिक मात्रा में पानी व व नमक निकल जाता है। इससे डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना, हीट स्ट्रोक व दस्त जैसे बीमारियों के लक्षण सामने आते हैं। कई मरीज गंभीर हालात में इलाज के लिये अस्पताल पहुंचते हैं। उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत होती है। हालांकि रोग संबंधित लक्षण दिखने पर इसे इग्नोर नहीं किया जाना चाहिये। रोग को लेकर किसी तरह की लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिये रोग से जुड़े किसी तरह का लक्षण सामने आने पर लोगों को तत्काल इलाज को प्राथमिकता देनी चाहिये।
सभी संस्थानों में समुचित इलाज का प्रबंध
डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल सहित जिले के सभी अस्पतालों में गर्मी जनित बीमारियों से निपटने के लिये पर्याप्त तैयारी की गयी है। सभी अस्पतालों में ओआरएस, जीवन रक्षक दवा सहित प्राथमिक उपचार का समुचित इंतजाम किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण इलाकों में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को गर्मी जनित बीमारियों से बचाव के लिये जन जागरूकता अभियान संचालित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।
तेज धूप व गर्मी से करें खूद का बचाव
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से तेज धूप में अपने घर से बाहर निकलने से परहेज करें। बाहर जाना अगर मजबूरी हो तो छाता, टोपी या कपड़े से अपने सिर को ढ़क कर रखें। किसी व्यक्ति को अगर बार-बार चक्कर आ रहा है। तेज बुखार हो, उल्टी या भ्रम की स्थिति हो तो यह लू लगने का लक्षण हो सकता है। ऐस व्यक्ति का तत्काल नजदीकी अस्पताल में इलाज करायें। बीमारियों से बचाव के लिये हल्का व सुपाच्य भोजन करें, बासी खाना बिल्कूल नहीं खायें, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, ओआरएस पेय का अधिक से अधिक सेवन करें। घमौरियां व त्वचा संबंधी रोग से बचाव के लिये नियमित स्थ्नान करें। सूती कपड़े पहनें।






















