नजरिया न्यूज़, अररिया। विकाश प्रकाश।
जिला मुख्यालय के सबसे व्यस्त मार्गों में शुमार रानीगंज मुख्य सड़क (327 ई) पर बने नाले की स्थिति दिनों-दिन बदतर होती जा रही है। यह नाला अब जल निकासी के अपने मूल उद्देश्य से भटककर कचरा डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुका है। स्थिति यह हो गई है कि नाले के आसपास और सड़क के किनारों पर सुरंगनुमा गड्ढे बन गए हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरे की घंटी बन गए हैं।
सड़क पर हादसों का गड्ढा
दिव्य ज्योति संस्थान मार्ग, कोल्ड स्टोर समीप पानी टंकी मोड़ और टाटा शोरूम के ठीक सामने मुख्य सड़क पर सुरंग जैसे गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों में आए दिन दोपहिया वाहन, टोटो, और साइकिल सवार गिर जाते हैं। दुर्घटनाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, मगर अब तक संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन की कोई ठोस पहल देखने को नहीं मिली है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन गड्ढों की गहराई पहले काफी अधिक थी, लेकिन इसमें कचरा, प्लास्टिक और अन्य घरेलू अपशिष्ट लगातार फेंककर इसे ऊपर तक भर दिया गया है। बावजूद इसके, यह अब भी गंदगी, बदबू और दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। बारिश के दिनों में तो हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं, जब ये गड्ढे पानी से भरकर दिखाई ही नहीं देते।
नाले की बदहाल हालत और प्रशासन की उदासीनता
नाले की स्थिति देखकर साफ प्रतीत होता है कि वर्षों से इसकी कोई सफाई नहीं हुई है। इसके दोनों ओर गंदगी का अंबार है और यह जगह धीरे-धीरे शहर का सबसे बड़ा कचरा स्थल बनती जा रही है। लोगों ने यह भी बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
यह स्थान शहर के मध्यवर्ती हिस्से में स्थित होने के बावजूद उपेक्षित पड़ा हुआ है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि जिस सड़क से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं, उस पर इतनी बड़ी समस्या को नजरअंदाज कैसे किया जा रहा है।
विशेषज्ञों की चेतावनी और नागरिकों की चिंता
नगर विकास से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सड़क के किनारे बनी सुरंगनुमा जगहों को यदि समय रहते मरम्मत नहीं किया गया, तो ये बड़े हादसों को जन्म दे सकती हैं। ऐसी स्थितियों में सड़क धंसने, वाहन पलटने और जानमाल की हानि की प्रबल संभावना रहती है।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि इन जगहों से गुजरते वक्त लोग डरे रहते हैं। कई बार लोग संतुलन खो बैठते हैं, जिससे चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थान बेहद असुरक्षित बन गया है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने अब प्रशासन से लिखित आवेदन देकर मिलकर इस समस्या को प्राथमिकता से उठाने का निर्णय लिया है। लोगों की मांग है कि संबंधित गड्ढों को जल्द से जल्द भरा जाए, नाले की सफाई नियमित रूप से करवाई जाए और इस मार्ग पर संकेतक या सुरक्षा चेतावनियां लगाई जाएं।
साथ ही, NHAI से अपेक्षा की जा रही है कि वह नाले की मरम्मत और सड़क सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए।
निष्कर्ष
शहर की मुख्य सड़क की यह बदहाल स्थिति अररिया जैसे तेजी से बढ़ते नगर के लिए चिंताजनक संकेत है। अगर जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह छोटी-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। जनता को सुरक्षित मार्ग, स्वच्छता और कुशल नगर प्रबंधन की आवश्यकता है, और यह तभी संभव है जब प्रशासन जागे और कार्रवाई करे।






















