-अब नेशनल प्रमाणीकरण को लेकर हो रही तैयारी
-प्रमाणीकरण के लिए कम से कम 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य होता है- डॉ आलोक कुमार
बेतिया, 26 मई
पश्चिमी चम्पारण के 07 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने क़ो लेकर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण किया गया है। इसके चयन हेतु राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से गठित कमिटी के सदस्यों के द्वारा स्वास्थ्य संस्थान का आंतरिक मूल्यांकन किया गया था, जिसमें कुल 34 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का मूल्यांकन हुआ। जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीक्यूए डॉ आलोक कुमार ने बताया कि अभी अन्य 11 स्वास्थ्य संस्थान की रिपोर्ट आनी बाकी है। इसमें भी अधिकांश सफल होगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणीकरण किया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों का बेहतर योगदान है। डॉ आलोक ने कहा कि राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण के बाद अब जल्द ही नेशनल प्रमाणीकरण के लिए सक्षम पोर्टल के माध्यम से अप्लाई किया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय टीम की ओर से असेसमेंट किए जाने के बाद निर्धारित स्कोर मिलने पर नेशनल सर्टिफिकेट मिलेगा। इसके बाद प्रतिवर्ष उन हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को सरकार द्वारा 1 लाख 26 हजार की राशि दी जाएगी जिसे एचडब्ल्यूसी के उन्नयन में खर्च किया जाएगा।
इन आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हुआ प्रमाणीकरण:
डीही पकड़ी, मधुबनी, मड़ुआहा बिशुनपुरवा, भैंसहीरेता, नवगांवा एवं बसंतपुर एच डब्लू सी को एनक्यूएएस प्रमाणीकरण मिला है। विशेषज्ञों की टीम द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएँ, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। प्रमाणीकरण के लिए कम से कम 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य होता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर को ही गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राज्यस्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणीकरण पर जिले के सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार, डीपीएम अमित अचल, डैम रणधीर कुमार, इंचार्ज डीपीसी अमित कुमार, डीसीएम राजेश कुमार, अनुश्रवण पदाधिकारी विनय कुमार ने बधाई दी।





















