नजरिया न्यूज, अररिया। भारतीय रक्षा संपदा सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. दीर्घ नारायण यादव ने 28 वर्षों की अनुकरणीय सेवा के बाद अब जनसेवा की राह चुन ली है। सिकटी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत धरमगंज पंचायत के बकैनियाँ निवासी डॉ. यादव ने स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जो 2 मई 2025 से प्रभावी माना गया है। अब वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए नया “विजन नाइन” लेकर आगे बढ़ने का संकल्प ले चुके हैं।
डॉ. यादव का प्रशासनिक जीवन उत्कृष्टता से भरा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अधीन उन्होंने देश की प्रमुख छावनियों में सेवा की, जहां उनकी नीतिगत और क्रियात्मक भागीदारी के लिए उन्हें तीन बार General Officer Commanding-in-Chief Award मिला—जो किसी भी अधिकारी को दुर्लभ ही प्राप्त होता है। इसके साथ ही वे दो बार प्रधानमंत्री उत्कृष्ट प्रशासन पुरस्कार के लिए नामांकित हुए, जो उनकी कार्यशैली और समर्पण का परिचायक है।
सिविल सेवा में आने से पूर्व वे बिहार सरकार के अंतर्गत राजस्व कर्मचारी, सहायक शिक्षक और सचिवालय सहायक के रूप में भी 9 वर्षों तक सेवाएं दे चुके हैं। पूर्णिया छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले डॉ. यादव वर्ष 1984 में अविभाजित पूर्णिया जिले के टॉपर रहे और 1997 में हिंदी माध्यम से UPSC पास करने वाले अपने क्षेत्र के पहले छात्र बने, जिससे वे आज भी युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं।
अब उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए भाजपा से जुड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को पत्र भेजकर सिकटी विधानसभा से जनसेवा की इच्छा व्यक्त की है। इसी क्रम में 18 मई 2025 को अररिया प्रेस क्लब, माँ काली मंदिर चौक पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने “विजन नाइन” की घोषणा की, जो समग्र कोसी क्षेत्र के विकास के लिए एक बहुआयामी योजना है।
“विजन नाइन” के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
कोसी क्षेत्र में सैन्य संस्थान की स्थापना कर युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन।
नदियों पर स्थायी बांध और बंधन योजना का कार्यान्वयन।
बाढ़ और सुखाड़ की स्थायी रोकथाम की रणनीति।
कृषि उपज आधारित खाद्य-प्रसंस्करण उद्योगों की श्रृंखला की स्थापना।
सम्पूर्ण क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय निर्यात हब में बदलना।
पलायन करने वाले मजदूरों के लिए सहकारी मॉडल पर संयंत्र स्थापना।
श्रम पलायन को न्यूनतम स्तर पर लाना।
प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए केंद्रीय अनुदान आधारित कोचिंग संस्थान की स्थापना।
मखाना व इससे जुड़े उत्पादों को GI टैग दिलाकर वैश्विक पहचान बनाना।
डॉ. यादव ने कहा कि यह विकास का रोडमैप केवल राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि कोसी क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की नींव है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे “पार्टी लाइन” से ऊपर उठकर इस मिशन को सफल बनाने में सहयोग करें।
उनकी इस नई पारी की शुरुआत को क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई उम्मीद की किरण के रूप में देखा जा रहा है।






















