नजरिया न्यूज़ नई दिल्ली। भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दिशा में कार्यरत केंद्रीय लोक शिकायत जांच आयोग संस्थान ने अररिया जिले की एक सक्रिय और जागरूक महिला, रफ़त जहां को बिहार प्रदेश अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से न केवल अररिया जिले का नाम रोशन हुआ है, बल्कि महिलाओं को सशक्त और जिम्मेदार भूमिकाओं में लाने का प्रयास भी एक नई दिशा में बढ़ा है।
रफ़त जहां अररिया शहर के बुआरिवाद वार्ड नंबर 7, उमर नगर आर जे कॉलोनी की निवासी हैं। संस्थान के नेशनल चेयरमैन नदीम भारतीय ने उन्हें मनोनयन पत्र सौंपते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी। चेयरमैन ने कहा कि रफ़त जहां के नेतृत्व में संस्थान को बिहार में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जा सकेगा।
मनोनयन पत्र जारी करते हुए संस्था के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रफ़त जहां का कार्य केवल प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करना ही नहीं होगा, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध आम जनमानस को जागरूक करना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कार्य करना भी उनकी मुख्य जिम्मेदारी होगी।
रफ़त जहां को यह पदभार सौंपे जाने पर पूरे शहर में उत्साह का माहौल देखा गया। उनके परिवार, समाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने खुशी जताई और इसे अररिया के लिए गर्व का क्षण बताया। आर जे कॉलोनी, बुआरिवाद क्षेत्र के लोग विशेष रूप से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि उनके इलाके की महिला को इतने बड़े स्तर पर पहचान मिली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रफ़त जहां पहले से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं और महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। उनकी यह नियुक्ति उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो समाज सेवा के क्षेत्र में आगे आना चाहती हैं।
संस्थान का उद्देश्य देशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना, आम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाना है। ऐसे में रफ़त जहां जैसे जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला का प्रदेश अध्यक्ष बनना इस मिशन को नई गति दे सकता है।
संस्थान के अधिकारियों ने रफ़त जहां को निर्देशित किया है कि वे जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठन का विस्तार करें और जिला तथा प्रखंड स्तर पर भी सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करें।
यह नियुक्ति केवल एक महिला को पद देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव और जिम्मेदारी का प्रतीक है। रफ़त जहां की इस नई भूमिका से न केवल संस्थान को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई भी सशक्त होगी।