नजरिया न्यूज अररिया।
आगामी विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर तैयारियाँ जोरों पर हैं। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश पर जिला निर्वाचन शाखा ने तैयारियों का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में शनिवार को एफएलसी (फर्स्ट लेवल चेकिंग) प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरीय प्रभारी सह एफएलसी पर्यवेक्षक श्री अजय ठाकुर ने की, जिसमें जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
बैठक में राजनीतिक दलों को विस्तार से बताया गया कि ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 13 मई 2025 से प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए जिले में ईवीएम वेयरहाउस खोल दिया गया है। आयोग ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी उद्देश्य से एफएलसी की सम्पूर्ण प्रक्रिया वेबकास्ट के माध्यम से प्रसारित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका को रोका जा सके।
एफएलसी प्रक्रिया के संचालन हेतु 14 अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से संपन्न करेंगे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि एफएलसी स्थल पर बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा। सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया गया कि वे अपने अधिकृत प्रतिनिधियों की सूची — जिसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की जानकारी शामिल हो — समय से पूर्व निर्वाचन शाखा को उपलब्ध कराएं।
सुरक्षा के मद्देनज़र भी प्रशासन पूरी तरह सजग है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जानकारी दी गई कि एफएलसी स्थल पर दो सेक्शन सशस्त्र बल की तैनाती की जाएगी। किसी भी आगंतुक को हॉल में प्रवेश से पूर्व पूरी तलाशी प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति परिसर में प्रवेश न कर सके।
इसके अतिरिक्त, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नामित नोडल अधिकारी 13 मई को जिले में पहुंचेंगे और एफएलसी स्थल के साथ-साथ ईवीएम वेयरहाउस/स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण करेंगे। आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया की सूचना सभी राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पहले ही दे दी है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि एफएलसी प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि मतदान में प्रयोग होने वाली ईवीएम पूरी तरह दोषमुक्त और कार्यशील हैं। इस स्तर पर ईवीएम का तकनीकी परीक्षण होता है और उसे चुनाव के लिए तैयार किया जाता है।
बैठक में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. राम बाबू कुमार, नोडल पदाधिकारी श्री संजय कुमार, और श्री सुबोध कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा और सभी पक्षों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर सहमति जताई।
अंत में बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव की पारदर्शी और निष्पक्ष तैयारी का मजबूत संकेत है, जिसमें प्रशासन और राजनीतिक दलों की साझा भागीदारी स्पष्ट रूप से सामने आई। आने वाले दिनों में एफएलसी प्रक्रिया के सफल संचालन के बाद चुनावी गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।






















