नजरिया न्यूज, अररिया। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में मंगलवार को पूरे देश में एक विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की तत्परता और प्रशासन की तैयारी को परखना था। इस आयोजन में बिहार का सीमावर्ती जिला अररिया भी पूरी तरह से शामिल हुआ और एक मिसाल कायम की।
जैसे ही घड़ी में सात बजे, पूरे अररिया शहर की लाइट बंद कर दी गई। लोगों ने भी प्रशासन के आह्वान पर अपनी घरेलू बिजली बंद कर एकजुटता दिखाई। यह बिजली कटौती करीब दस मिनट तक चली, यानी 7:00 बजे से 7:10 बजे तक पूरा शहर अंधेरे में रहा। इस दौरान पूरे शहर में सायरन की आवाज गूंजी, जिससे आपातकालीन माहौल की अनुभूति कराई गई।
चाँदनी चौक पर इस आयोजन के दौरान अररिया के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक (एसपी), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), उपविभागीय पदाधिकारी (एसडीएम) सहित कई उच्चाधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने इस मॉकड्रिल की निगरानी की और पूरे आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन के साथ मिलकर काम किया।
इससे पहले अररिया जिला प्रशासन ने मॉकड्रिल को लेकर लोगों को जागरूक किया था। सोशल मीडिया, लाउडस्पीकर और स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से नागरिकों को बताया गया था कि यह केवल अभ्यास है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। प्रशासन की इस तैयारी का असर भी दिखा, जब आम लोग बिना किसी भ्रम या भय के पूरे आत्मविश्वास के साथ इस मॉकड्रिल में सहभागी बने।
स्थानीय लोगों ने इस मॉकड्रिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह बहुत जरूरी है कि हम आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रहें। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “देश जब भी पुकारेगा, हम तैयार हैं। चाहे अंधेरा हो या संकट, अररिया पीछे नहीं हटेगा।”
वहीं, एक कॉलेज छात्रा ने बताया, “सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। इससे हमें समझ में आया कि हम सभी की भूमिका सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय में देश के लिए एकजुट होकर खड़ा होना भी जरूरी है।”
अररिया में इस मॉकड्रिल की सफलता यह दर्शाती है कि सीमावर्ती इलाकों में भी नागरिक न सिर्फ जागरूक हैं बल्कि अपने देश के लिए हमेशा तैयार भी हैं। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में अररिया देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।
यह मॉकड्रिल सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक संदेश था—एकजुटता का, देशभक्ति का और सजग नागरिक होने का। और अररिया ने इस संदेश को पूरी दृढ़ता से देश को सुनाया






















