नजरिया न्यूज अररिया। जिला पदाधिकारी अररिया श्री अनिल कुमार के दिशा-निर्देश में मंगलवार शाम को शहर में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में जनता और प्रशासन की तैयारियों की परख करना था। इस मॉक ड्रिल के तहत शहर में पूरी तरह से अंधेरा कर दिया गया, जिसमें आम जनता का भी भरपूर सहयोग देखने को मिला।
सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित इस मॉक ड्रिल के अंतर्गत शाम 7:00 बजे जैसे ही सायरन बजा, पूरे शहर में लाइटें बंद कर दी गईं। दुकानदारों, आम नागरिकों और प्रतिष्ठानों ने समय पर बिजली की आपूर्ति रोक दी। इतना ही नहीं, बैट्री, इन्वर्टर, मोबाइल टॉर्च, स्क्रीन लाइट और सोलर लाइट जैसे वैकल्पिक प्रकाश स्रोतों का भी उपयोग नहीं किया गया। पूरा शहर दस मिनट तक अंधेरे में डूबा रहा, जिससे असली आपातकाल की स्थिति का अनुभव कराया जा सका।
इस दौरान सड़कों पर चल रहे वाहन भी अपनी जगह रुक गए और उनके हेडलाइट्स भी बंद कर दिए गए। मॉक ड्रिल के दौरान जिला पदाधिकारी श्री अनिल कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी कुमार स्वयं चांदनी चौक पर मौजूद रहे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और नियोजित ढंग से संपन्न हुई।
ड्रिल के उपरांत मीडिया को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री अनिल कुमार ने बताया कि यह मॉक ड्रिल अररिया टाउन में नागरिकों को जागरूक करने और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के उद्देश्य से की गई। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अभ्यास है, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि इससे हमें यह सीखने का मौका मिलता है कि वास्तविक स्थिति में किस तरह की प्रतिक्रिया देनी है।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी अररिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस प्रयास की स्थानीय नागरिकों और मीडिया ने सराहना की है।
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल ने दिखाया कि अररिया प्रशासन और जनता दोनों किसी भी आपदा से निपटने के लिए सजग और तैयार हैं।