– अररिया में अब तक 1.25 लाख महिलाएं हो चुकी हैं शामिल, उठ रहीं रोजगार और भंडारण की मांगें
नजरिया न्यूज़, अररिया। अररिया समेत पूरे बिहार में चल रहे महिला संवाद कार्यक्रम का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। महिलाओं की भागीदारी से यह संवाद एक जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है। शनिवार को कार्यक्रम के 16वें दिन जिले के 36 स्थानों पर संवाद आयोजित हुआ, जिसमें हजारों महिलाओं ने भाग लिया। अब तक जिले में कुल 1.25 लाख से अधिक महिलाएं इस अभियान का हिस्सा बन चुकी हैं।
संवाद रथ पर लगे एलईडी स्क्रीन पर सरकार की योजनाओं से जुड़ी लघु फिल्मों के माध्यम से महिलाओं को जानकारी दी जा रही है। इसका प्रभाव इतना गहरा है कि महिलाएं न सिर्फ जागरूक हो रही हैं, बल्कि अपनी समस्याओं और आकांक्षाओं को भी खुलकर साझा कर रही हैं।
कार्यक्रम में शामिल कई महिलाओं ने लघु और कुटीर उद्योगों जैसे बल्ब, मोमबत्ती, अगरबत्ती, पापड़ और अचार निर्माण को बढ़ावा देने की मांग की। उनका कहना है
कि यदि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाज़ार उपलब्ध कराया जाए, तो वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं।
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में अनाजों के भंडारण हेतु शेड या गोदाम की मांग भी जोर पकड़ रही है। महिलाओं ने बताया कि बारिश या बाढ़ के दौरान भंडारण की व्यवस्था न होने से अनाज खराब हो जाता है और मेहनत बेकार चली जाती है।
गौरतलब है कि यह महिला संवाद कार्यक्रम 18 अप्रैल 2025 से पूरे बिहार में प्रारंभ हुआ है और अगले दो महीनों तक चलाया जाएगा। अररिया जिले में इसके सुचारू संचालन के लिए 18 संवाद रथ तैनात किए गए हैं, जो प्रतिदिन 36 स्थानों पर महिलाओं से संवाद स्थापित कर रहे हैं।






















