नजरिया न्यूज, भरगामा।
भरगामा प्रखंड के खजूरी गांव वार्ड संख्या-02 में गुरुवार को राष्ट्रीय संतमत सत्संग का 15वां वार्षिक अधिवेशन भव्य श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर पूर्णिया लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे देश के समग्र विकास के लिए अध्यात्म और विज्ञान, दोनों को अपनाएं।
सांसद यादव ने कहा, “यदि युवा अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं, तो उन्हें कर्मयोगी बनना होगा। वर्तमान को सुधारने के लिए हमें संकल्पित होना पड़ेगा।” उन्होंने धर्म और जाति के नाम पर फैलाए जा रहे भेदभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन धर्म कभी भी विभाजन का नहीं, बल्कि समरसता और एकता का संदेश देता है। “ऋषि-मुनियों की परंपरा समाज को जोड़ने वाली रही है, न कि तोड़ने वाली,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।
अपने उद्बोधन में उन्होंने मां की भूमिका को भी विशेष महत्व दिया और कहा, “मां ईश्वर का सजीव स्वरूप हैं, जो अपने बच्चों के लिए निस्वार्थ प्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति होती हैं। मां का सम्मान करना हर व्यक्ति का प्रथम धर्म होना चाहिए।”
सांसद पप्पू यादव के प्रेरणादायक विचारों से आयोजन स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज, देश और मानवता की सेवा में नई सोच और नई दिशा के साथ आगे बढ़ें।
कार्यक्रम में सांसद को आयोजकों द्वारा सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संत समाज के सदस्य और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। मंच पर मुखिया प्रिंस विक्टर, सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, जिला परिषद सदस्य मो. हलचल, जेडी यादव, राणा यादव, सुनील पासवान, मो. अरसद, कृष्णा यादव, चंद्र किशोर यादव, अंकित राज, यशवंत कुमार, विक्रम यादव, कुमोद यादव, धीरेंद्र यादव, गजेंद्र यादव, राजकुमार साह, भुट्टो चौधरी, परमानंद पासवान, हृदय पासवान, मुनेश्वर यादव, लालू कुमार, नागेश्वर यादव समेत कई स्थानीय लोग सक्रिय एवं संगम सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद थे।






















