नजरिया न्यूज। भरगामा
सिरसिया हनुमानगंज स्थित जामिया ताहिरा लील बनात के मौलाना ईशा नोमानी ने कहा कि आज यानी 30 मार्च को चांद दिख गया है और ईद-उल-फितर 31 मार्च को मनाई जाएगी। भरगामा प्रखंड के सभी ईदगाह में सुबह 8:30 बजे नमाज अदा की जाएगी।
चांद के दिखाई देने के बाद यह घोषणा की गई है। ईद-उल-फितर का त्योहार रमजान के महीने के अंत में मनाया जाता है और यह इस्लामी कैलेंडर के शव्वाल महीने की पहली तारीख को पड़ता है। चांद रात के बाद सुबह ईद-उल-फितर मनाया जाता है, यह दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है। रमजान के महीने भर के रोजे इस दिन समाप्त होते हैं। इस पाक महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं जिसमें सूरज निकलने के बाद से सूरज के डूबने तक खाने-पीने से दूर रहते हैं। इसलिए ईद-उल-फितर को “रोजे खत्म करने का त्योहार” भी कहा जाता है। इस्लामिक चंद्र कैलेंडर में दसवां महीना शव्वाल है और इस महीने का पहला दिन दुनिया भर में ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है।
ईद का त्योहार खास होता है और एक चीज जो इसे खास बनाती है वो है सेंवई। इस ईद पर हर घर में सेंवई बनाई जाती है। चांद दिखते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है. लोग नए कपड़े, मिठाइयां, सेवइयां और ईदी के गिफ्ट खरीदने के लिए बड़ी संख्या में बाजारों में रौनक लौट आई है।
रमजान के पाक महीने के आखिरी दिन चांद का दीदार हो चुका है, जिससे यह साफ हो गया कि भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और कई दूसरे देशों में ईद-उल-फितर कल मनाई जाएगी। इस खबर के बाद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई और बाजारों में रौनक लौट आई। वहीं, बिहार के इमारत-ए-शरिया ने भी चांद देखे जाने का ऐलान किया है।






















