भरगामा
+2 प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय, भरगामा में प्रभारी प्रधानाध्यापक और शिक्षिका के बीच चल रहे विवाद की जांच के लिए गुरुवार को डीपीओ (स्थापना) रविरंजन विद्यालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से बातचीत कर पूरे मामले की गहराई से जांच की। इस दौरान भरगामा की बीईओ सुषमा कुमारी भी मौजूद रहीं।
जांच के दौरान डीपीओ ने विद्यालय के सभी शिक्षकों से अलग-अलग पूछताछ की और उनके बयान कलमबद्ध किए। अभिभावकों से बातचीत में यह सामने आया कि वे पहले भी दो बार बैठक कर इस विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश कर चुके हैं। अभिभावकों ने मांग की कि अधिकारी इस विवाद को जल्द सुलझाकर विद्यालय में सामान्य वातावरण बहाल करें।
भरगामा प्रोजेक्ट विद्यालय की एक सहायक शिक्षिका ने 18 मार्च को भरगामा थाना और जिला अधिकारी को आवेदन देकर प्रभारी प्रधानाध्यापक पर रंग लगाने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इस शिकायत के बाद पूरे प्रखंड में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। सूत्रों के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विवाद का मुख्य कारण विद्यालय प्रभार को लेकर था। शिक्षिका प्रभारी प्रधानाध्यापक का पद संभालना चाहती थीं, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने यह प्रभार एक अन्य नियोजित शिक्षक को सौंप दिया। इससे विद्यालय में शिक्षकों के बीच मतभेद बढ़ गए, जो धीरे-धीरे थाने और जिला स्तर तक पहुंच गए। डीपीओ (स्थापना) रविरंजन ने कहा कि वे मीडिया में बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर वरिय अधिकारी को सौंप दी जाएगी। इस मामले में आगे की जानकारी के लिए पत्रकार जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।






















