आदित्य दत्ता नजरिया न्यूज़ रानीगंज
बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अररिया जिले के रानीगंज अंचल अधिकारी (सीओ) प्रियव्रत कुमार को निलंबित कर दिया है। उन पर दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने और घूस लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने बताया कि शिकायतों की जांच में सीओ के बैंक खाते में घूस की रकम जमा होने के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा, उनके एक परिचित अनुनय कुमार के खाते में भी रिश्वत की रकम ट्रांसफर की गई।
2.75 लाख रुपये घूस लेने के सबूत
शिकायतकर्ताओं ने सबूत के तौर पर 2.75 लाख रुपये सीओ प्रियव्रत कुमार के खाते में और 2 लाख रुपये अनुनय कुमार के खाते में जमा किए जाने की बैंक रसीदें प्रस्तुत की थीं। जांच के दौरान सीओ ने इन पैसों को “सेल्फ डिपॉजिट” बताया, लेकिन उनकी संपत्ति विवरणी में ऐसी कोई राशि नहीं दर्शाई गई थी। इससे मामला संदिग्ध लगने पर त्रिस्तरीय जांच समिति ने उन्हें दोषी पाया।
तत्काल निलंबन, विभागीय जांच जारी
सरकारी आदेश के तहत प्रियव्रत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वहीं, उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही जल्द शुरू की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि दाखिल-खारिज में भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजद नेता मयंक पासवान ने कहा कि अंचलाधिकारी के ऊपर भ्रष्टाचार के बहुत से आप थे वह लगातार गरीबों के शोषण कर रहे थे एवं लगातार में पासवान के द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाए जा रहा था






















