अररिया नगर परिषद क्षेत्र के इटहरा वार्ड संख्या 07 में 1947 से बसे 10 परिवारों के सामने एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इन परिवारों में शामिल राजेन्द्र मंडल, बेचन मंडल, सीता देवी व दुखनी देवी का कहना है कि उनके पुस्तैनी ज़मीन पर अब भू-माफियाओं की नजर पड़ चुकी है। लंबे समय से अपने घरों और ज़मीनों पर कब्ज़ा जमा कर बैठी यह 10 परिवार अब अपनी ज़मीनों को बचाने के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इन परिवारों का कहना है
कि वे अपनी शिकमी ज़मीन पर कानूनी हक रखते हैं, लेकिन कुछ भू-माफिया जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। 
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण वे अपनी ज़मीनों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन परिवारों का कहना है कि उनके द्वारा मामले को लेकर शिकायतें अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से की गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। नागरिकों का कहना है
कि अगर जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं निकाला गया, तो वह लोग सड़क पे आ जाएंगे। इस मामले को लेकर स्थानीय जन प्रतिनिधि श्याम मंडल का कहना है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करेंगे, ताकि इन परिवारों को न्याय मिल सके और उनकी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा न हो।
वहीं मामले को लेकर गुलशन मंडल, राजेन्द्र मंडल, बेचन मंडल, सीता देवी व दुखनी देवी ने बताया कि 71 डिसमिल जमीन पर उन लोगों के पूर्वजों का कब्जा है। 2015 में उन लोगों के घर में आग लग गया था। जिसमें जमीन के सारे दस्तावेज जल कर राख हो गाएं। इसी बीच उनका जमीन रेलवे में चला गया।
जिसके मुआवजे को लेकर उनके द्वारा आवेदन किया गया तो उन्हें मालूम चला कि 2016 में उनके जमीन का किसी और के नाम पर फर्जरी रजिस्ट्री करवा लिया गया है। जिसके बाद उन लोगों के द्वारा अंचल कार्यालय सहित जिले के तमाम वरीय पदाधिकारी के पास मामले को लेकर शिकायत की गई लेकिन निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। जिससे इन परिवारों के बीच अपनी जमीन को बचाने की एक गंभीर संकट आन पड़ी है। वही मामले को लेकर अंचला अधिकारी अजय कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उक्त मामले को लेकर विस्तृत रिपोर्ट उनके द्वारा विभाग को भेजने की दिशा में अगरतर कार्रवाई की जा रही है।






















