नजरिया न्यूज अररिया/पटना डेस्क।
अररिया में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो यह साबित करता है कि पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। यहाँ के अनुसुचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाना के थानाध्यक्ष पवन पासवान ने अपनी उपस्थिति मधेपुरा में होने के बावजूद, थाना की स्टेशन डायरी में अपनी हाजरी दर्ज कराई थी।
यह मामला तब सामने आया जब पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार ने थाने का अचानक निरिक्षण किया। जब उन्होंने थानाध्यक्ष के बारे में महिला सिपाही से जानकारी ली, तो उन्होंने बताया कि थानाध्यक्ष अभी तुरंत सनहा दर्ज कर निकले हैं। लेकिन जब पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष का टावर लोकेशन लिया, तो पता चला कि वह मधेपुरा में हैं।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष पवन पासवान और महिला सिपाही अमृता कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह मामला पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे को उठाता है।
पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार ने बताया कि थानाध्यक्ष पवन पासवान को 20 फरवरी को अवकाश पर जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने थाने में अपनी हाजरी दर्ज कराई थी। यह मामला पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे को उठाता है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष पवन पासवान और महिला सिपाही अमृता कुमारी को निलंबित कर दिया है। यह मामला पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे को उठाता है।
यह मामला यह भी दर्शाता है कि पुलिस में जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी है। यह मामला पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे को उठाता है और यह सवाल उठाता है कि पुलिस में जवाबदेही और पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि अभी तक इसकी सूचना पुलिस के द्वारा कोई आधिकारिक सूचना पुलिस प्रेस ग्रुप में नहीं दी गई है और नजरिया न्यूज़ इस मामले की पुष्टि भी नहीं करती है।






















