• 24 जिलों के 67% लक्षित आबादी कर चुकी है दवा का सेवन
• अरवल एवं खगड़िया 83 प्रतिशत दवा सेवन के साथ दुसरे स्थान पर
पटना- राज्य के 24 जिलों में 10 फ़रवरी से एमडीए अभियान संचालित किया जा रहा है. ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन टीम द्वारा लोगों को घर घर जाकर फ़ाइलेरिया की दवा खिलाई जा रही है. शनिवार सुबह तक के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 84 प्रतिशत दवा सेवन के साथ संचालित एमडीए अभियान में कैमूर जिला प्रथम स्थान पर है. जहाँ करीब 13.97 लाख लक्षित आबादी के सापेक्ष में 11.70 लाख लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है. 83 प्रतिशत दवा सेवन के साथ अरवल एवं खगड़िया संयुक्त रूप से दुसरे स्थान पर हैं. राज्य में अभी तक 67 प्रतिशत लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है.
यह हैं टॉप 5 जिले:
एमडीए अभियान में दवा सेवन करने वाले टॉप 5 जिले में कैमूर-84%, अरवल एवं खगड़िया- 83%, शेखपुरा-81% एवं जमुई-78% दवा सेवन के साथ पांचवे स्थान पर है. अन्य जिलों में भी शतप्रतिशत लक्षित आबादी को दवा सेवन हेतु निरंतर कार्यक्रम को चलाया जा रहा है.
रिफ्युजल को तोड़ने और स्वास्थ्य कर्मी द्वारा अपने सामने ही दवा सेवन का किया जा रहा प्रयास:
डॉ. अनुज सिंह रावत, राज्य फ़ाइलेरिया सलाहकार ने बताया कि अभी तक दवा नहीं खाने वाले लोगों को जिले में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित अन्य विभागों के सहयोग से सभी को बीमारी की गंभीरता समझा कर अपने सामने ही दवा खिलाई जा रही है. इस वर्ष राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरंतर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिदिन रिविजिट कर छुटे हुए लोगों और दवा नहीं सेवन करने वाले लोगों को समझाकर दवा खिलाई जाए. यह बताया जा रहा है कि फ़ाइलेरिया के दंश से सुरक्षित रहने के लिए दवा का सेवन जरुरी है. डॉ. रावत ने लोगों से अपील की सभी योग्य व्यक्ति एमडीए अभियान के दौरान दवा का सेवन जरुर करें क्यूंकि यह उनके हित में है. 2027 तक फ़ाइलेरिया मुक्त बिहार का स्वप्न साकार करने के लिए लक्षित आबादी का शत प्रतिशत दवा सेवन करना जरुरी है. इस वर्ष राज्य स्वास्थ्य समिति में विशेष फाइलेरिया कॉल सेंटर में सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा चलाए जा रहे अभियान की निरंतर निगरानी और आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है.













