सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोठिया एवं ठाकुरगंज में आशा दीदी एवं आशा फैसिलिटेटर की एक साथ हुई विस्तृत समीक्षा बैठक
वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज 02 अप्रैल।
आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोठिया एवं ठाकुरगंज में आशा दीदी एवं आशा फैसिलिटेटर के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें मोबाइल आधारित आशा ऐप के उपयोग को बढ़ावा देने, एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत महिलाओं एवं किशोरियों में खून की कमी की पहचान एवं उपचार, गैर संचारी रोग जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह की स्क्रीनिंग, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, मानव पैपिलोमा वायरस टीकाकरण, दवा प्रतिरोधी टीबी के मामलों की पहचान एवं उपचार, टीबी के मामलों की रिपोर्टिंग और निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।साथ ही गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड को सही तरीके से प्रत्येक कॉलम में भरवाने, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड निर्माण, टीबी मरीजों के लिए पोषण सहायता, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान एवं निगरानी, नवजात शिशु की घर आधारित देखभाल तथा शिशु एवं बाल्यावस्था में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यदि आशा कार्यकर्ता अपने कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और दक्षता के साथ निभाती हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंच सकता है।
उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे मोबाइल आधारित ऐप का नियमित उपयोग करें, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करें और मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड को पूरी सावधानी से भरें। उन्होंने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम को प्राथमिकता देने, टीबी मरीजों की पहचान में सक्रिय भूमिका निभाने तथा टीकाकरण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देने पर विशेष बल दिया।
सामुदायिक जागरूकता से ही संभव है स्वस्थ समाज का निर्माण
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने अपने संदेश में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है जब समुदाय जागरूक हो। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें और उन्हें नियमित जांच, टीकाकरण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।उन्होंने कहा कि एनीमिया, टीबी और गैर संचारी रोग जैसी समस्याएं आज भी समाज में चुनौती बनी हुई हैं, जिन्हें जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। जिला पदाधिकारी ने यह भी कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता से ही इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है और इससे जिले की स्वास्थ्य स्थिति में निश्चित रूप से सुधार आएगा।
गुणवत्ता सुधार एवं डाटा प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं डाटा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने कार्यों का सही एवं अद्यतन विवरण रखें तथा समय-समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड के प्रत्येक कॉलम को सही तरीके से भरना, टीकाकरण की जानकारी अद्यतन रखना एवं लाभार्थियों की सूची को व्यवस्थित रखना अत्यंत आवश्यक बताया गया।
फिलहाल बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रमों की सफलता आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करता है। पोठिया एवं ठाकुरगंज में आयोजित इस समीक्षा बैठक ने न केवल कार्यों की प्रगति का आकलन किया, बल्कि आने वाले समय के लिए एक स्पष्ट दिशा भी निर्धारित की। यदि इसी प्रकार समन्वित प्रयास जारी रहे, तो निश्चित रूप से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बन सकेगी।

















