वैशाली। टीबी मुक्त भारत अभियान को जिले में पूरी मजबूती के साथ लागू करने के उद्देश्य से गुरुवार को सिविल सर्जन, वैशाली की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह बैठक सदर अस्पताल स्थित एमसीएच बिल्डिंग के छठे तल पर स्थित सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों और टीबी विभाग के कर्मियों ने भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया।
माइक्रोप्लान और तकनीकी रिपोर्टिंग पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन:
कार्यशाला के दौरान मुख्य रूप से आगामी 100 दिवसीय ‘एक्टिव केस फाइंडिंग’ अभियान की सफलता के लिए खाका तैयार किया गया। इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ. मेजर अवकाश कुमार सिन्हा ने उपस्थित कर्मियों को एक्टिव केस फाइंडिंग के माइक्रोप्लान के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने निक्षय पोर्टल पर की जाने वाली प्रविष्टियों और दैनिक रिपोर्टिंग की तकनीकी बारीकियों पर प्रशिक्षण देते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर सटीक डेटा का संकलन और उसकी समय पर रिपोर्टिंग ही इस अभियान की रीढ़ है।
समय पर जांच और उपचार से ही संभव है टीबी का खात्मा:
बैठक को संबोधित करते हुए सीडीओ डॉ. अजय लाल ने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग एक ऐसा सशक्त माध्यम है जिसके जरिए स्वास्थ्य विभाग समुदाय के बीच छिपे हुए मरीजों तक पहुंच सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पद्धति से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को सुगमता से प्राप्त किया जा सकेगा। वहीं, सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में जांच की संख्या बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समय पर अधिक से अधिक संदिग्ध मरीजों की जांच और सकारात्मक पाए जाने पर तत्काल उपचार शुरू करना ही टीबी को समाज से पूरी तरह खत्म करने का एकमात्र रास्ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों की सक्रिय भागीदारी:
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में जिले के टीबी विभाग से जुड़े सभी एसटीएस, एसटीएलएस और एलटी (टीबी) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग में सीनियर डीपीएस राजीव कुमार, एचएलएफपीपीटी से पंकज कुमार सिन्हा, टीबी असिस्टेंट शैलेंद्र प्रसाद, स्टोर कीपर संजय राम और डाटा एंट्री ऑपरेटर श्वेता कुमारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ इस 100 दिवसीय अभियान को सफल बनाने हेतु कार्य करें।

















