– पोर्टेबल एक्स रे मशीन से संदिग्ध टीबी मरीजों की तुरंत हो रही है पहचान
– टीबी मरीजों को पोषण सम्बन्धित सहयोग के लिए निक्ष्य मित्र बनकर सहयोग को आगे आएं समाजसेवी – डॉ संजीव
मोतिहारी। 21 फ़रवरी
राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम अन्तर्गत जिले में “100 दिवसीय सघन टीबी अभियान” के मॉनिटरिंग हेतु राज्य एवं केंद्रीय टीम के द्वारा विजिट कर निरिक्षण किया जा रहा है। टीबी के नोडल चिकित्सक डॉ सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए कहा की जिले में दो टीम आई है जिनमें राज्य स्तर पर डॉ मजहर हुसैन, डब्लूएचओ से डॉ गौरव एवं केंद्र स्तरीय टीम में दीपक कुमार, सेन्ट्रल टीबी डिविजन के टेक्निकल सपोर्ट मयंक कुमार ने जिला यक्ष्मा अस्पताल मोतिहारी, पिपराकोठी के दक्षिणी चकरदेइ, एपीएचसी टीकुलिया, चकिया में क्षेत्र भ्रमण कर टीबी मरीजों की खोज, पोर्टेबल एक्स रे द्वारा जाँच के तरीके का निरिक्षण करते हुए कार्यक्रम में व्यवस्था सुधार के साथ तेजी लाने की बातें बताई। वहीं उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील किया की समाज को टीबी मुक्त बनाने के लिए जागरूक होना पड़ेगा, इसलिए टीबी के बारे में लोगों के बीच टीबी के फैलाव व उससे बचने के लिए जागरूकता फैलाने की जरूरत है। वहीं उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण सम्बन्धित सहयोग के लिए निक्ष्य मित्र बनकर आगे आने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक संख्या में कमजोर तबके के टीबी मरीजों को पोषण सम्बन्धित लाभ मिल सकें।
कैंप लगाकर 125 संदिग्ध मरीजों की जाँच हुई:
वहीं डॉ संजीव ने कहा की पोर्टेबल मशीन के द्वारा एपीएचसी टीकुलिया में कैंप लगाकर संदिग्ध मरीजों की जाँच हुई जिसमे 125 लोगों की बीपी, शुगर के जाँच के साथ एक्स रे किया गया। जिसमें 63 टीबी के संदिग्ध मरीज मिले जिनका स्पुटम जाँच के लिए लिया गया। उन्होंने बताया की टीबी मरीजों की अब आसानी से खोज हो पाएगी, वहीं इलाज के बाद इसके संक्रमण दर को खत्म करने में भी काफ़ी आसानी होगी। उन्होंने बताया की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय देश से तपेदिक (टीबी) को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया की जिले में जनवरी माह में 1139 नए मरीज मिले है, जिनमें सरकारी अस्पताल में 206, प्राइवेट में 933 मिले है।
उन्मूलन के लिए सभी का सहयोग जरूरी :
डॉ सुनील कुमार ने बताया की टीबी हारेगा, देश जीतेगा। उन्होंने बताया 100 दिवसीय अभियान के तहत टीबी रोगियों की पहचान कर टीबी से होने वाली मौतों की दर में कमी कर, टीबी से नए लोगों को संक्रमित होने से रोकने के लिए जिला स्तर पर तेज गति से प्रयास किया जा रहा है। टीबी उन्मूलन के सफलता के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों, अन्य समुदाय, निजी क्षेत्र, मीडिया, गैर-सरकारी संगठनों और विभिन्न संबंधित विभागों का शामिल होना महत्वपूर्ण है। सभी का सहयोग मिलेगा तो निश्चित ही टीबी हारेगा। उन्होंने बताया की टीबी मरीजों के सहयोग के लिए हिंदुस्तान पैट्रोलियम एवं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन जैसे संस्थानों से बात की जा रही है।
मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संजीव, नोडल डॉ सुनील कुमार, डब्लूएचओ के राज्य प्रतिनिधि डॉ कुमार गौरव, सिफार डीसी सिद्धांत कुमार, जिला यक्षमा केंद्र के अरविन्द कुमार, अमरेंद्र कुमार, मनु सिंह व अन्य लोग उपस्थित थें।

















