समस्तीपुर/दलसिंहसराय (राज कुमार सिंह)
रामाश्रय नगर ( रमना ) स्थित केयोटा गढ़ प्रांगण में हो रहे डॉ पुण्डरीक शास्त्री महाराज जी के द्वारा श्री मद भागवत कथा का आज रविवार को विश्राम दिवस मनाया गया। समापन समारोह ठाकुर जी की पूजा हवन एवं ब्राह्मण भोजन के साथ प्रसाद भण्डारा के साथ सम्पन्न हुआ। आज की कथा में श्री कृष्ण सुदामा मिलन .का प्रसंग सुनाये,……..साथ ही महाराज जी ने धनतेरस के महत्व को बताया उस दिन लक्ष्मी गनेश जी के साथ कुबेर जी और धन्वन्तरि की पूजा करनी चाहिए। उस दिन दरवाजे पर चतुर्मुख दीप जलाये दिप ज्ञान का प्रतीक है, साथ बताया लक्ष्मी जी श्री का प्रतीक है। जिससे हमें ऐश्र्वर्य और धन की प्राप्ति होती है, धन्वन्तरि की पूजा करने से हमे निरोग होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धनतेरस की पूजा प्रदोष काल मे करें। जो इस बार 29 अक्टूबर को 12 बजे के बाद है।
……..ये कथा का श्री गणेश मुख्य यजमान जयंत कुमार चौधरी और प्रियवन्त कुमार चौधरी ने आरती करके , और पूजन भारद्वाज पांडेय ने और आशीष वचन सन्त श्री रामसुमिरन दास ने देकर किया। ये कथा विजयवन्त कुमार चौधरी, बलवन्त कुमार चौधरी, सामन्त कुमार चौधरी, सतवंत कुमार चौधरी, उदयवन्त कुमार , निशांत कुमार एवं समस्त चौधरी परिवार के द्वारा कराया जा रहा था। इस अवसर पर पूरा शहर का माहौल भक्तिमय और संगीत से ओतप्रोत हो गया।सत्संग हर मनुष्य के लिए अत्यावश्यक है आज के माहौल में। सत्संग से नई ऊर्जा का संचार होता है। अवसाद और नकारात्मक सोच को खत्म करने के लिए सत्संग अति महत्वपूर्ण है। इस अवसर में प्रो. उमेश चौधरी, महेश सिंह , डॉ प्रेम कुमार , कन्हैया चौधरी, गिरीश बाबू, नवाब जिलानी, विजय , राजीव चौधरी, नरेश कुमार, मनोज झा, गुड्डू झा, सुरेश चौधरी,संजीव जी,राजा जी, के साथ हजारो की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ थीं जो कथा रूपी सागर में डूब कर ओत प्रोत हो रहे थे।






















