बाढ़ पीड़ितों ने कुर्साकांटा सीओ पर मुआवजे की राशि नहीं देने का लगाया आरोप।
नजरिया न्यूज़ कुर्साकांटा संवाददाता रंजन राज।
बाढ़ पीड़ित दर्जनों लोगों ने सोमवार को लगभग 2 बजे मुआवजा के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर लगाते नजर आए। लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की कहां अंचल पदाधिकारी के द्वारा मनमानी तरीके से प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित पंचायत का घोषणा कर दिया गया है जिस पंचायत में बाढ़ आया उस पंचायत को छोड़ दिया गया। लोगों ने मुआवजा राशि देने में अधिकारियों व कर्मियों पर उचित जांच नहीं करने का आरोप लगाया। समिति कृपानंद मंडल रामराज शाह ने बताया कि कुर्साकांटा प्रखंड के दो पंचायत सौरगांव, रहटमीणा को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है 
इससे सटे पंचायत जागीर परासी सिकटीया, लक्ष्मीपुर जो 9 नदियों के बीच घीरा हुआ है उनको छोड़ दिया गया और बिना अनुश्रवण समिति के बैठक किए हुए बाढ़ प्रभावित पंचायत की सूची तैयार कर ली गई। उन्होंने कहा की जागीर परासी पंचायत, लक्ष्मीपुर पंचायत में बाढ़ का पानी तीन दिनों तक जमा रहा इसके बावजूद भी इस पंचायत को मुआवजा नहीं मिल पाया आक्रोश प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सीओ पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
इधर सीओ आलोक कुमार ने बताया कि जागीर परासी,लक्ष्मीपुर शंकरपुर, सिकटिया पंचायतों में जांच कराया गया और जनप्रतिनिधियों से भी पूछे गए। जांच रिपोर्ट में कहा गया की बाढ़ का पानी आया और चला गया जिसमें कुछ निचले वार्डों के घरों में पानी लगा था लेकिन पानी निकल गया हमने वरिये अधिकारी को इसकी सूचना दे दी है मुआवजा देने की बात होगी तो इन पंचायत को जोड़ा जाएगा।






















