नजरिया न्यूज नई दिल्ली – सूत्रों के हवाले से खबर लिखने वाले पत्रकार के लिए अच्छी खबर है दिनांक 28 6 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा है सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ की बेंच ने पुलिस को भारतीय संविधान के आर्टिकल 19 और 22 की याद दिलाई है चीफ जस्टिस ने कहा कि पत्रकारों के मौलिक अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार से उनकी खबरों के लिए सूत्र नहीं पूछ सकती है यहां तक की कोर्ट भी उन्हें ऐसा करने के लिए बाद नहीं कर सकता।
चीफ जस्टिस ने कहा कि आजकल यह देखने को मिल रहा है कि बिना किसी ठोस सबूत और बिना जांच के पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए जाते हैं श्रेष्ठ बनने के चक्कर में पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है आपको बता दें कि सूत्रों के हवाले से चलने वाली खबर के लिए मामले कोर्ट में जा चुकी है।
किशनगंज, बिहार -समितियों ने अभी तक 2968.8 एमटी चावल की आपूर्ति नहीं की है, डीएम ने की समीक्षा
वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज 21जुलाई 2026। धान अधिप्राप्ति विपणन वर्ष 2025-26 में चावल आपूर्ति की समीक्षा डीएम किशनगंज...






















