नजरिया न्यूज बारसोई कटिहार।
चैती नवरात्र मुझे के अंतिम दिन बुधवार को नवमी पूजन और हवन इत्यादि के बाद नौ कन्याओं को भोग लगाया गया इसके साथ ही चैत्र महीने वाले बसंती नवरात्र संपन्न हो गया। बता दें की एक तरफ नवरात्रि पूजन का अनुष्ठान करने वाले बुधवार नवमी के दिन माता दुर्गा के सिद्ध रात्रि स्वरूप की पूजा अर्चना की। तथा नवमी पूजा के बाद दुर्गा माता को प्रसाद अर्पण करने के उपरांत हवन इत्यादि का अनुष्ठान किया। वहीं दूसरी तरफ रामनवमी मनाने वाले श्रद्धालुओं ने भगवान राम और हनुमान की पूजा की, घर-घर हनुमान जी के ध्वज को फेरा गया पुराने ध्वज की जगह नया ध्वज लगाकर भगवान महावीर स्वामी की पूजा अर्चना की गई। वहीं व्यापारियों ने रात्रि के समय माता लक्ष्मी व दिन के समय अपनी दुकान और प्रतिष्ठान में लक्ष्मी नारायण की पूजा करवाई। बता दें कि बारसोई मुख्यालय में दर्जनों श्रद्धालुओं के घर में पिछले 9 दिनों से माता के कलश स्थापना कर पूजा अर्चना होती आ रही थी।
जिसका समापन बुधवार को हो गया। वहीं रामनवमी और दुर्गा नवमी को लेकर क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल दिखा। एक तरफ जहां राम जानकी मंदिर खरुआ में बुधवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा वहीं दूसरी तरफ माता के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़भाड़ देखी गई। खासकर बारसोई बाजार स्थित शीतला देवी के मंदिर में माता शीतला की विशेष पूजा अर्चना की गई। बता दें कि रामनवमी के दिन शीतला माता को मिट्टी की कढ़ाई में खीर बनाकर अर्पण किया जाता है
जिसको लेकर भी काफी भीड़भाड़ देखी गई। वही हवन आदि कार्य के उपरांत नवमी के दिन माता के नए मने रूप नौ कन्याओं को भोग लगाया गया नन्ही कन्याओं का पूजन करने के उपरांत भोग लगाया गया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिए।





















