दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 10अप्रैल। देश की सबसे बड़ी पंचायत में किस पार्टी की जीत होगी? इसका फैसला जनता जनार्दन को करना हैजिसका परिणाम छह जून को आएगा। जीत के बाद क्या होगा? इसकी घोषणा इंडिया गठबंधन ने कर दी है। भाजपा की तरफ से अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है।
कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी की तरफ से इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र में गरीब परिवार की महिला मुखिया को वर्ष एक लाख रुपये देने का वायदा किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस घोषणा पत्र में मुस्लिम लीग का प्रतिबिंब दिखाई दे रहा है। फिलहाल घोषणा पत्र पर फैसला जनता की पंचायत में मतदान से होना है। जिसका परिणाम 06जून को घोषित किया जाएगा।
घोषणा पत्र जारी करते सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव: सोशल मीडिया
समाज और सोशल मीडिया में लोकसभा चुनाव 2024 और इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र पर चर्चा हो रही है।
फिलहाल, इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र में महिला न्याय भी शामिल हैं। गरीब महिलाओं को एक लाख रुपये मिलेंगे। इससे पहले महिला न्याय को लेकर एक कहानी मुंशी प्रेमचंद जी ने लिखी है। जिसमें एक महिला अपनी संपूर्ण जायदाद सर्व शक्तिमान जुम्मन शेख लिख देती है। रोटी के लिए मोहताज होने पर जुम्मन शेख से पंचायत बुलाने के कहती हैं।
पंच परमेश्वर कहानी में मुंशी प्रेमचंद की स्क्रिप्ट है:
जुम्मन शेख की बूढ़ी खाला सूखी रोटी के जुगाड़ के लिए पंचायत बुलाने की इच्छा जुम्मन शेख के सामने जाहिर की । इस पर जुम्मन शेख खुश हैं:
पंचायत का फैसला उनके पक्ष में रहेगा। मुंशी प्रेमचंद आगे लिखते हैं:इस विषय में जुम्मन को कुछ भी संदेह न था।मुंशी प्रेमचंद चंद्र लिखते हैं:आस-पास के गांव में ऐसा कौन था, जो जो जुम्मन शेख अनुग्रहों का ऋणी न हो, ऐसा कौन था,जो उनको शत्रु बनाने का साहस कर सके, किसमें इतना बल था, जो उनका सामना कर सके? मुंशी प्रेमचंद लिखते हैं कि जुम्मन शेख पंचायत के फैसले निश्चित था, क्योंकि आसमान के फरिश्ते तो पंचायत करने आएंगे नहीं ।
सुप्रिया श्रीनेत, राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस पार्टी।
फिलहाल,सोशल मीडिया जारी प्रतिक्रियाओं से स्थिति साफ हो रही है लोकसभा चुनाव में पक्ष और विपक्ष की स्थिति में अंतर बूढ़ी खाला और जुम्मन शेख की तरह हैं। चुनाव में मतदाताओं को मतदान के माध्यम से पंच परमेश्वर की भूमिका निभानी हौ होगी।
भाजपा का 2024को लेकर घोषणा पत्र अभी तक नहीं आया है। वहीं इंडिया गठबंधन ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जो 45पेज का है, जिसका संपादित अंश इस प्रकार है:
- मनरेगा मजदूरों की मजदूरी दोगुनी होगी, पत्रकारों और सरकारी संस्थाओं के अधिकार सुनिश्चित होंगे।
- 30लाख सरकारी पद खाली हैं, सरकार बनते ही भरने की शुरू प्रतिक्रिया होगी।
- प्रत्येक स्नातक युवा के कौशल विकास के लिए एक वर्ष का अप्रेंटिस, एक लाख रुपये मिलेगा
- अति पिछड़े, पिछडों व अनुसूचित जाति की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के आकलन के बाद आरक्षण में वृद्धि होगी।
- इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र पीएम मोदी की टिप्पणी:*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का अर्थ लगाते हुए मीडिया में खबर छपी है कि कांग्रेस के घोषणा पत्र पर मुस्लिम लीग की छाप है।
मीडिया की इस खबर पर सोशल मीडिया में आवाज उठा रही है कि भाजपा अपने 2014और 20219 के घोषणा पत्र में किसानों, गरीबों और युवाओं के लिए जो वायदे किए थे, उसकी बात लोकसभा चुनाव 2024 में नहीं कर रही है। इंडिया गठबंधन के 2024के घोषणा पत्र में जो बात नहीं है या उसकी छाप भी नहीं है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वह आरोप लगा रहे हैं।
रविश कुमार के यूट्यूब चैनल पर वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने तमाम मित्र मीडिया की हेडिंग शेयर की है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुस्लिम लीग वाले बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है।
*वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने कहा:* मित्र मीडिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के साथ इंडिया गठबंधन का घोषणा पत्र भी प्रकाशित करना चाहिए था जिससे उनके पाठक को पता चल सकता कि 30 लाख सरकारी नौकरी, हर गरीब महिला को वर्ष में एक लाख रुपये, युवाओं को रोजगार की गारंटी, आंगनबाड़ी सेविका, आंगनबाड़ी सहायिका, आशा, मिड डे मील रसोइयां का मानदेय दोगुना करने का वायदा घोषणा पत्र में किया गया है।
45पेज के कांग्रेस के घोषणा पत्र में सर्व धर्म भाव की बात कही गई है। उन्होंने कहा: प्रधानमंत्री को अपने 2014और 2019 के घोषणा पत्र में किए गए वायदों को पूरा करने की जानकारी लोकसभा चुनाव 2024में देना चाहिए।
कांग्रेस पार्टी की तरफ से घोषणा पत्र पर :मुस्लिम लीग की छाप जैसी प्रतिक्रिया पर मुंहतोड़ जवाब जवाब दिया गया है।
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि घोषणा पत्र पांच न्याय देने का वादा करता है। पांच न्याय के स्तंभ है: नारी न्याय,युवा न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय और सामाजिक न्याय । कांग्रेस का घोषणा पत्र लोगों की आवाज हैं। कांग्रेस पार्टी का यह भी वायदा है कि जेल भेजने और जेल में सड़ाने का कानून बदला जाएगा। पत्रकारों को लिखने और बोलने की आजादी की रक्षा की जाएगी। राज्यों के अधिकार को संरक्षण प्रदान किया जाएगा। लोकतांत्रिक संस्थाओं के अधिकार बहाल किए जाएंगे।
*X पर अखिलेश यादव की टिप्पणी:*
पश्चिमी उप्र में जिस प्रकार भाजपा की घोषित संयुक्त रैली में उनके साथ गये दल भी अपनी जगह नहीं बना पा रहे हैं और उपेक्षित होकर अपमान का घूंट पीकर रह जा रहे हैं, यहाँ तक कि अपने प्रत्याशी के समर्थन में की जा रही रैली तक में वो हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं, इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि भाजपा का गठबंधन ‘गाँठबंधन’ बन चुका है और वो पश्चिमी उप्र में सामाचार भर के लिए बचा है, सच में नहीं। भाजपा पश्चिमी उप्र में हार मान चुकी है।
24 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की बोहनी ख़राब हो जाएगी क्योंकि उप्र में चुनाव पश्चिमी उप्र से ही शुरू हो रहा है। इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों के आगे भाजपाइयों का गुट हथियार डाल चुका है।
*इंडिया गठबंधन के न्यायपत्र में जनता के अधिकार” की मुख्य बातें हैं:समाजवादी*
•संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का अधिकार
•न्याय और समानता का अधिकार
•सामाजिक न्याय का अधिकार जिसके साथ जातिगत जनगणना भी है (For Inclusive Development)
•बेहतर और फ्री स्वास्थ्य सेवा का अधिकार
•महंगाई से निजात का अधिकार
•24 घंटे बिजली का अधिकार
•गरीब को भी उच्च श्रेणी की शिक्षा का अधिकार
•युवाओं को रोजगार का अधिकार
•बेहतर सार्वजनिक वाहन का अधिकार
•जातिवादी टिप्पणी से मुक्ति का अधिकार
•गड्ढे मुक्त सड़कों का अधिकार
•गरीब को भी उच्च श्रेणी की शिक्षा का अधिकार
•सुविधा से एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार
•सुरक्षित वातावरण में जीने का अधिकार
•रोटी का अधिकार
•किसानों को एमएसपी का अधिकार
•मीडिया को आजादी का अधिकार
•लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता का अधिकार
*लेवल प्लेइंग फ़ील्ड का उल्लंघन*
प्रधानमंत्री 6 अप्रैल को ग़ाज़ियाबाद आए थे। रोड शो किया था। 7 अप्रैल के जागरण में इस रोड शो का कवरेज देखने लायक़ है। बड़े बड़े आकार से लेकर छोटे आकार के 11 फोटो छपे हैं। हर फोटो रैली में आए लोगों के उत्साह को उभारता है। फोटो के अलावा 17 न्यूज़ आइटम हैं। एक बड़ा पन्ना रोड शो को समर्पित है और सिटी एडिशन में डेढ़ पन्ना समर्पित है। मतलब ढाई पन्ने का कवरेज है। इसके अलावा इस अख़बार में भाजपा की अनेक ख़बरें हैं । इन ख़बरों की संख्या 16 है। पहले पन्ने पर प्रधानमंत्री की रैली की बड़ी खबर है बल्कि पहले पन्ने पर प्रधानमंत्री ही हैं। संपादकीय पन्ने का विश्लेषण नहीं किया मगर अख़बार के मालिक और संपादक का बड़ा सा संपादकीय है मोदी के बाद कौन। इस तरह पूरा अख़बार एक रंग में नज़र आता है। विपक्ष से जुड़ी 7 खबरें हैं । तो एक दिन के एडिशन में बीजेपी से जुड़ी 33 ख़बरें हैं । क्या यह लेवल प्लेइंग फ़ील्ड है?























