नजरिया न्यूज अररिया। बिहार में चुनावी विगुल बज चुका है और आचार संहिता लागू हो चुकी है इसी बीच इन दिनों बिहार के अररिया जिले से बड़ी तादाद में मछली वाहनों से अवैध वसूली का मामला प्रकाश में आ रहा है।
इन दिनों अवैध मछली का प्राक्कलन अररिया जिले में धरने से चल रहा है जिसके तहत कुछ दिन पूर्व नरपतगंज थाना और फारबिसगंज थाना के द्वारा बड़ी मात्रा में मांगुर मछली की अवैध हो रही तस्करी को लेकर पुलिस की बड़ी कार्रवाई कर तस्कर को जेल भेजा गया था। आपको बता दें कि बंगाल से बड़ी संख्या में मछली की अवैध तस्करी अररिया जिला में होने की बात बताई जा रही है।
इसी संदर्भ में आपको बता दें कि अररिया जिला अंतर्गत सिमराहा थाना क्षेत्र में रात्रि गश्त वाहन पुलिस दुवारा NH57 पर वाहनों से रोजाना अवैध हफ्ता वसूली करने का मामला प्रकाश में आया है।
सूत्रों के अनुसार गुरुवार को फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के सिमराहा थाना की पुलिस द्वारा मछली वाहनों से अवैध वसूली करते एक विडियो बनाया गया। आपको बता दे कि जिसमें मछली वाहन चालक ने गस्ती कर रहे सिमराहा पुलिस को दो सौ रुपया हफ्ता देने की बात बताई है।
और सिमराहा थाना क्षेत्र में गस्ती कर रहे पद स्थापित SI मनीष कुमार से जब पूछा गया तो उन्होंने घबराहट में कहां की पैसे की वसूली करने वालों को जेल भेज दी गई है
अब यहां कोई वसूली नहीं हो रहा है जबकि मछली ले जा रहे हैं ड्राइवर ने साफ-साफ कहा कि हफ्ता वसूली ली जाती है और मेरे से आज इन्होंने फिर हफ्ता के नाम पर ₹200 लिया है। इससे साफ स्पष्ट हो रहा है कि फारबिसगंज अनुमंडलीय क्षेत्र में पुलिस अपना स्तर कितना नीचे गिरा ली है।
आपको बता दें जब इस अवैध वसूली के मामले में सिमराहा थानाध्यक्ष रूबी कुमारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आप लोग को कोई और काम नहीं है आपको जो लिखना है लिखिए जो छाप है छाप दीजिए जो जैसा करेगा वैसा भरेगा। इस मामले को लेकर जब अररिया एसपी अमित रंजन को फोन लगाया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इस अवैध वसूली में अब यह देखना लाजमी होगा कि किस प्रकार अररिया एसपी अमित रंजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं या नहीं























