नजरिया न्यूज (भोरहा पंचायत) रानीगंज अनमोल आनंद।
रानीगंज प्रखंड के भोरहा पंचायत में जनसेवा के लिए बना राजीव गांधी सेवा सदन भवन इन दिनों गंभीर विवाद का केंद्र बन गया है। पंचायत कार्यालय, जनसुनवाई और ग्राम सभा के लिए बनाए गए इस सरकारी भवन को पूरी तरह खाली कराकर उसमें रामपुर बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा खोलने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक 16 फरवरी से बैंक शाखा शुरू करने के लिए भवन का रिमॉडलिंग कार्य तेजी से रहा है, जिसके चलते पंचायत कार्यालय पूरी तरह बेघर हो चुका है। सवाल यह उठ रहा है कि पंचायत के लिए बनी सरकारी इमारत को बैंक के हवाले किस नियम के तहत किया गया?
🏛️ जनसेवा का भवन, बैंक का ऑफिस
राजीव गांधी सेवा सदन का उद्देश्य पंचायत कार्यालय का संचालन, जनसुनवाई और ग्राम सभा का आयोजन है। लेकिन भोरहा पंचायत में इस भवन को पूरे का पूरा बैंक को सौंप दिया गया, जो नियमों के अनुसार गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि—
पंचायत से जुड़े सभी कार्य ठप हो गए हैं
ग्रामीणों को शिकायत और आवेदन देने की जगह नहीं बची
सरकारी संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग कराया जा रहा है।
🔥 ग्रामीणों का खुला विरोध
इस फैसले के खिलाफ पंचायत के ग्रामीण खुलकर विरोध में उतर आए हैं। विरोध करने वालों में
हजीएकरमुल हक, कनैया मिश्र, रिजवान अली, अतिकुर रहमान, मोहम्मद सोहेल, कैंसर रेजा, काजी मसर्राफ, एहतेशाम, अंबारुल हक, सफ़क्त इजहार, शमसाद, सद्दाम, नाजिर हुसैन,
इसके अलावा रामेश्वर राम, मौलवी फ़खरुल इस्लाम, हाफ़िज़ हसीबुर रहमान, मौलवी अब्दुल रहीम शामिल हैं।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि जनसेवा के लिए बना राजीव गांधी सेवा सदन किसी भी हाल में बैंक को सौंपना स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
⚠️ रिमॉडलिंग पर भी सवाल
बैंक शाखा खोलने के नाम पर चल रहे रिमॉडलिंग कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं—
खर्च किस मद से किया जा रहा है?
क्या इसके लिए जिला प्रशासन या पंचायती राज विभाग की लिखित अनुमति है?
क्या सरकारी भवन की मूल संरचना बदली जा रही है?
❓ नजरिया का सीधा सवाल
जब पंचायत के लिए बना भवन बैंक को दे दिया गया,
तो पंचायत व्यवस्था कहां जाएगी?
और किसके आदेश से सरकारी नियमों को ताक पर रखा गया?
📌 निगाहें प्रशासन पर
यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा और नियम उल्लंघन की बड़ी कार्रवाई तक पहुंच सकता है।
नजरिया न्यूज इस पूरे प्रकरण पर लगातार नजर बनाए हुए है।























