नज़रिया न्यूज़, रूबी विनीत, अररिया।
न्यायालय आदेश की अवहेलना करने पर नगर थानाध्यक्ष अररिया को स्पस्टीकरण देने का आदेश जारी किया गया है.
यह आदेश सिविल कोर्ट के एडीजे-04 रवि कुमार ने जारी किया है.
एडीजे-04 ने एसएचओ को स्पस्टीकरण के साथ 21 मार्च तक सदेह उपस्थित होकर अपना स्पस्टीकरण देने की बात कही है कि आप किन परिस्थितियों मे कांड दैनिकी (डायरी) एवं आपराधिक इतिहास न्यायालय में समर्पित नही किये हैं. जिस कारण अग्रिम जमानत आवेदन (एबीपी) की सुनवाई लम्बित चली आ रही है.
इस संबंध मे जानकारी देते हुए सरकार की ओर से एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने बताया कि जाली सर्टिफिकेट लगाकर सदर अस्पताल अररिया मे नर्सिंग का कार्य करने की बात को लेकर सदर अस्पताल अररिया के तत्कालीन सिविल सर्जन धनुषधारी सिंह ने नालंदा जिला अंतर्गत इस्लामपुर ग्राम बेलकुर की रहनेवाली कुमारी प्रतिभा सिन्हा के विरुद्ध भादवि की धारा 418, 420, 423, 468, 469, 471, 474, 120बी के तहत अररिया थाना कांड संख्या 405/2010 दर्ज कराया था.
इस मामले में कथित अभियुक्त कुमारी प्रतिभा सिन्हा ने अपने अधिवक्ता बीरेंद्र कुमार के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षित सिंह के न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन (एबीपी) दाखिल की. जिस आवेदन को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षित सिंह ने निष्पादन के लिए एडीजे-04 न्यायालय के न्यायधीश रवि कुमार की अदालत में भेजा. जहाँ एडीजे-04 रवि कुमार ने नगर थानाध्यक्ष अररिया से दिनांक 06.02.2024 को कांड दैनिकी (डायरी) एवं आपराधिक इतिहास की मांग की. परन्तु नगर थानाध्यक्ष अररिया द्वारा न्यायालय आदेश नही माना गया. जिस बात को गम्भीरता से लेते हुए एडीजे-04 ने स्पस्टीकरण की मांग की है.






















